टेलीग्राम CEO का बड़ा आरोप, रिलायंस और मेटा पर एक्सेस में रुकावट डालने का दावा
क्या है खबर?
टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव ने भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और मेटा पर टेलीग्राम यूजर्स की पहुंच में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि यह समस्या जानबूझकर पैदा की गई हो सकती है। डुरोव ने इसे मैसेजिंग ऐप्स के बीच बढ़ती कारोबारी प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ा और कहा कि इस मामले में तकनीकी स्तर पर हस्तक्षेप की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आरोप
इंटरनेट रूटिंग तकनीक को लेकर लगाए आरोप
डुरोव ने कहा कि कथित तौर पर इंटरनेट रूटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे डाटा ट्रैफिक का रास्ता बदला या बाधित किया जा सकता है। उन्होंने इसे BGP हाईजैकिंग नाम की तकनीक से जोड़ा। इस तकनीक में इंटरनेट ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा जा सकता है, जिससे किसी वेबसाइट या ऐप तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। डुरोव का दावा है कि इस वजह से भारत के बाहर भी कुछ यूजर्स को टेलीग्राम इस्तेमाल करने में परेशानी हुई।
सवाल
मेटा और रिलायंस के रिश्तों पर भी उठे सवाल
डुरोव ने मेटा और रिलायंस के कारोबारी संबंधों का भी जिक्र किया। हालांकि, मेटा रिलायंस की मालिक नहीं है। मेटा ने 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया था और उसके पास करीब 9 से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की लगभग 67 प्रतिशत हिस्सेदारी है। डुरोव ने कहा कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण इस तरह के विवाद खड़े हो सकते हैं।
रोक
भारत में टेलीग्राम पर पहले से लगी है अस्थायी रोक
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब भारत सरकार ने NEET री-एग्जाम को देखते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा रखी है। सरकार का कहना है कि यह फैसला कथित पेपर लीक, फर्जी दावों और धोखाधड़ी से जुड़ी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है। भारत टेलीग्राम के सबसे बड़े बाजारों में शामिल है, इसलिए प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की तकनीकी रुकावट का असर बड़ी संख्या में यूजर्स और डिजिटल सेवाओं पर पड़ सकता है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
Indian telecom Reliance is sabotaging access to Telegram for millions of users OUTSIDE India (including the UAE) via a rogue method called BGP hijacking.
— Pavel Durov (@durov) June 16, 2026
The sabotage seems intentional, as Reliance has ignored multiple reports.
This may be part of a competitive war, as…