टाटा स्थापित करेगी भारत की पहली वाणिज्यिक चिप निर्माण फैक्ट्री, डच कंपनी से मिलाया हाथ
क्या है खबर?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की पहली सिलिकॉन चिप निर्माण यूनिट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उसने लिथोग्राफिक तकनीक हासिल करने के लिए डच दिग्गज ASML के साथ साझेदारी की है। भारतीय कंपनी गुजरात के धोलेरा में 300mm सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना करेगी। EUV लिथोग्राफिक मशीनें बनाने वाली दुनिया की एकमात्र कंपनी ASML, टाटा को अपनी कुछ प्रमुख तकनीकें प्रदान करेगी, जिससे भारतीय कंपनी एडवांस चिप्स बनाने में सक्षम होगी।
सहयोग
क्या रहेगा दोनों कंपनियों के बीच सहयोग?
ASML खुद चिप्स का निर्माण नहीं करती, लेकिन यह वो मशीनें बनाती है, जो दुनिया की सबसे एडवांस सिलिकॉन चिप्स बनाती हैं। इन मशीनों का उपयोग इंटेल से लेकर TSMC और सैमसंग तक दुनिया के सभी शीर्ष सेमीकंडक्टर निर्माता करते हैं। शुरुआत में भारत में दोनों कंपनियां अधिक सुनियोजित दृष्टिकोण अपना रही हैं। कंपनियों ने कहा, "इस साझेदारी के माध्यम से ASML धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी 300mm सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना और सफल संचालन में सहायक होगी।"
फायदा
साझेदारी देश के लिए जरूरी
टाटा और ASML की साझेदारी भारत के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। देश इस क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। ऐसे में ASML के साथ साझेदारी से सही उपकरण और तकनीकें उपलब्ध होने में मदद मिलेगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इससे पहले ताइवान की PSMC के साथ भी साझेदारी की है, जो उसे 28nm, 40nm, 55nm, 90nm और 110nm जैसी चिप्स के निर्माण में सक्षम फैक्ट्री बनाने में मदद कर रही है।