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नासा के आर्टेमिस II मिशन लॉन्च पर सौर तूफान का मंडरा रहा खतरा
आर्टेमिस II मिशन पर सौर तूफान का खतरा

नासा के आर्टेमिस II मिशन लॉन्च पर सौर तूफान का मंडरा रहा खतरा

Mar 31, 2026
03:53 pm

क्या है खबर?

नासा का आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल के लॉन्च से पहले नई बड़ी मुश्किल में फंसता नजर आ रहा है। सूरज से निकली तेज सोलर फ्लेयर और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) ने अब वैज्ञानिकों की चिंता और ज्यादा बढ़ा दी है। इससे मिशन की टाइमिंग पर असर पड़ सकता है। यह मिशन चार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के पास भेजने वाला है, इसलिए हर तकनीकी और प्राकृतिक स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रखी जा रही है।

खतरा

सोलर फ्लेयर और CME से बढ़ा खतरा

NOAA के स्पेस वेदर सेंटर के अनुसार, सूरज के एक्टिव रीजन AR 4405 से एक शक्तिशाली फ्लेयर निकला है। इसके बाद CME के जरिए प्लाज्मा पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस सौर तूफान से रेडियो ब्लैकआउट की स्थिति बनी, जिसका असर कई क्षेत्रों में साफ देखा गया। वैज्ञानिकों ने G2 स्तर के जियोमैग्नेटिक तूफान की चेतावनी भी जारी की है, जो सैटेलाइट और नेविगेशन सिस्टम को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

वजह

लॉन्च पर क्यों पड़ सकता है असर?

वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा सोलर एक्टिविटी मिशन के लिए बड़ा जोखिम पैदा करती है। इससे रॉकेट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब हो सकते हैं और रेडियो कम्युनिकेशन में भी बड़ी दिक्कत आ सकती है। लॉन्च के समय साफ और सुरक्षित सिग्नल बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर हालात खराब रहे, तो लॉन्च को टालने का फैसला लिया जा सकता है, ताकि क्रू और मिशन दोनों की पूरी सुरक्षा हर हाल में बनी रहे।

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हालात

नासा रख रहा हालात पर लगातार नजर

नासा फिलहाल सूरज की गतिविधियों और मौसम दोनों पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है। पहले लॉन्च के लिए 80 प्रतिशत अनुकूल मौसम की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब सोलर एक्टिविटी सबसे बड़ा फैक्टर बन गई है। वैज्ञानिक हर छोटे-बड़े अपडेट का लगातार विश्लेषण कर रहे हैं। अगर स्थिति सामान्य रहती है तो मिशन तय समय पर उड़ान भर सकता है, वरना इसे आगे बढ़ाने का फैसला भी लिया जा सकता है।

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