एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी को AI करेगा पूरी
एक नई क्विकब्लॉक्स रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्वास्थ्य सेवाओं में कैसे बड़ा बदलाव ला सकता है, जो इस समय कई मुश्किलों से जूझ रही हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि 2030 तक एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां काम का बोझ पहले से ही बहुत ज्यादा है।
ऐसे में AI सामने आकर रोजमर्रा के प्रशासनिक काम संभाल लेता है, जैसे मरीजों के दस्तावेज तैयार करना और उनकी देखभाल का तालमेल बिठाना। इसका फायदा यह होगा कि चिकित्सक मरीजों के साथ ज्यादा समय दे पाएंगे।
AI टूल बना रहे नोट्स और मेडिकल कोड्स
AI टूल दस्तावेज तैयार करने और कोडिंग जैसे कामों में पहले से ही चिकित्सकों का हाथ बंटा रहे हैं। क्विकब्लॉक्स का क्यू-कंसल्टेशन प्लेटफॉर्म मरीजों के नोट्स बनाता है और समीक्षा के लिए मेडिकल कोड का सुझाव देता है। इससे चिकित्सकों का अतिरिक्त काम तो कम होता है, लेकिन उनका नियंत्रण बना रहता है।
कैसर परमानेंटे ने अपने 600 दफ्तरों और 40 अस्पतालों में AI स्क्राइब्स को शुरू किया है, जिससे सटीकता बेहतर हुई है और मरीजों की देखभाल के लिए ज्यादा वक्त मिला है।
इतना ही नहीं, AI मरीजों को सही इलाज तक पहुंचा सकता है, जिससे स्वास्थ्य कर्मचारियों की जगह लिए बिना सभी को बेहतर मदद मिल सकती है।