सरकार ने बाल यौन शोषण और डीपफेक को लेकर मेटा पर की सख्ती
भारत मेटा से लगातार बातचीत कर रहा है, ताकि उसके प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का ठीक से पालन करें। इस मुद्दे पर अब तक 3 दौर की बातचीत हो चुकी है और आने वाले दिनों में कुछ और बैठकें भी होंगी।
इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य बेहतर कंटेंट मॉडरेशन सुनिश्चित करना है। सरकार चाहती है कि मेटा की कंटेंट पॉलिसी, मॉडरेशन सिस्टम और उन्हें लागू करने के तरीके भारत के कानूनी और नियामक ढांचे के अनुरूप हों।
जांच में इंसानी भागीदारी पर दिया जोर
सरकार की पहली प्राथमिकता चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) के प्रति जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाना है।
अधिकारियों ने मेटा से ऐसे कड़े सिस्टम बनाने को कहा है, जिससे इस तरह का कंटेंट ऑनलाइन न फैल पाए। इसके अलावा, सरकार ने डीपफेक को लेकर भी चिंता जताई है। खासतौर पर तब जब असली सामग्री को गलती से नकली करार दिया जाता है।
सरकार का कहना है कि इन मामलों में केवल AI ही नहीं, बल्कि इंसानों की भी भागीदारी होनी चाहिए।