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ईरान युद्ध के कारण भारत के स्मार्टफोन निर्यात पर मंडरा रहा खतरा
ईरान विवाद से भारत के स्मार्टफोन निर्यात पर खतरा

ईरान युद्ध के कारण भारत के स्मार्टफोन निर्यात पर मंडरा रहा खतरा

Apr 01, 2026
02:52 pm

क्या है खबर?

भारत पिछले कुछ सालों से स्मार्टफोन उत्पादन का बड़ा केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब ईरान से जुड़े विवाद का असर दिखने लगा है। 9टू5 मैक की नई रिपोर्ट के अनुसार, इस तनाव के कारण भारत के बढ़ते स्मार्टफोन एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम जैसी योजनाओं के बावजूद मौजूदा हालात सप्लाई और शिपमेंट को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे इंडस्ट्री चिंतित है।

डर

निर्यात में तेज बढ़त, अब गिरावट का डर

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल, 2025 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में भारत ने करीब 11 अरब डॉलर (लगभग 1,050 अरब रुपये) के मोबाइल फोन निर्यात किए, जो पिछले साल से 55 प्रतिशत ज्यादा हैं। हालांकि, अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में निर्यात में 22 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व के ट्रेड रूट पर बढ़ता तनाव और लॉजिस्टिक्स में आई रुकावटें हैं।

असर

शिपमेंट और लॉजिस्टिक्स पर सबसे ज्यादा असर

इस पूरे मामले में मांग कमजोर नहीं हुई है, बल्कि सबसे ज्यादा असर शिपमेंट और सप्लाई चेन पर पड़ा है। कंपनियां अब दुबई और दोहा जैसे हब से दूरी बना रही हैं और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं। हालांकि, ऐपल जैसी बड़ी कंपनियां इस बदलाव को बेहतर तरीके से संभाल पा रही हैं और उनके एक्सपोर्ट पर कम असर देखा जा रहा है।

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मैन्युफैक्चरिंग

भारत बना आईफोन मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र

रिपोर्ट्स के अनुसार, अब दुनिया में बिकने वाले हर चार में से एक आईफोन भारत में बन रहा है। साल 2025 में करीब 5.5 करोड़ आईफोन भारत में असेंबल किए गए, जो पिछले साल से काफी ज्यादा हैं। हालांकि, चीन अभी भी सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है, लेकिन ट्रेड वॉर के कारण कंपनियां भारत की ओर बढ़ रही हैं। फिर भी, भारत में लागत अभी चीन और वियतनाम के मुकाबले ज्यादा बनी हुई है।

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