AI भारत में बदल देगा हेल्थकेयर सिस्टम, बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के लिए जरूरी
2026 के अंत तक भारत की आबादी 1.47 अरब तक पहुंचने वाली है और 2036 तक 60 साल से ज्यादा उम्र के 23 करोड़ से ज्यादा लोग होंगे।
एक नई सरकारी रिपोर्ट बताती है कि देश में होने वाली 65 फीसदी से ज्यादा मौतें दिल की बीमारी, कैंसर और डायबिटीज जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के कारण होती हैं।
इसीलिए, अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
AI बीमारियों को पहचानने में करेगा मदद
रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाकई एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यह चिकित्सकों को बीमारियों को तेजी से पहचानने में मदद करेगा।
साथ ही छोटे शहरों और गांवों तक बड़े विशेषज्ञों की सलाह पहुंचाना भी आसान बनाएगा। फिलहाल, वैश्विक औसत के मुकाबले भारत में प्रति व्यक्ति चिकित्सकों, हॉस्पिटल बेड्स और MRI मशीनों की उपलब्धता कम है। अच्छी खबर यह है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसे प्रोजेक्ट्स ने तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की नींव रखनी शुरू कर दी है, लेकिन रिपोर्ट का कहना है कि AI को सफल पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़ाकर रोजाना के क्लीनिकल इस्तेमाल में लाना बहुत जरूरी है।
इसके लिए AI के लिए उपयुक्त डाटा तैयार करना होगा। एक स्पष्ट नियामक ढांचा बनाना होगा और AI आधारित तकनीकों के लिए भरपाई की व्यवस्था भी बनानी होगी।