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बिना सिम के मैसेजिंग ऐप्स चलाने वालों को और मिल सकती है छूट, जानिए कैसे
मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग फाेन में एक्टिव सिम नहीं होने पर नहीं किया जा सकेगा

बिना सिम के मैसेजिंग ऐप्स चलाने वालों को और मिल सकती है छूट, जानिए कैसे

Mar 30, 2026
02:12 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए सिम बाइंडिंग की समय सीमा बढ़ाने की योजना बना रही है। दूरसंचार विभाग (DoT) के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी कंपनियों ने कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों का सामना करने की बात करते हुए कई अनुरोध किए। इसके बाद समय सीमा को दिसंबर तक बढ़ाया जा सकता है। इस कदम से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को आवश्यक बदलाव लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।

समय सीमा 

क्या थी नियम लागू करने की समय सीमा?

DoT के अधिकारियों ने बताया कि कंपनियों को मैसेजिंग सर्विसेज को सीधे यूजर्स के सिम कार्ड से जोड़ने के लिए आवश्यक अपडेट के परीक्षण और तैनाती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर, 2025 में जारी एक निर्देश के अनुसार, मूल समय सीमा फरवरी, 2026 निर्धारित की गई थी, जिसमें 90 दिनों के भीतर अनुपालन और 120 दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा करने की आवश्यकता थी। हालांकि, कंपनियों ने इन समय-सीमाओं का पालन नहीं किया है।

नियम 

ये बनाए गए हैं ऐप उपयोग के नियम

सरकार के नए नियमों के अनुसार, मोबाइल नंबरों का उपयोग करके यूजर की पहचान करने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी फोन में सक्रिय सिम होना जरूरी है। इसके बिना ऐसे ऐप्स का उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा, इन ऐप्स के वेब वर्जन में समय-समय पर लॉग-आउट की आवश्यकता हो सकती है, जिसके बाद यूजर्स को QR कोड से दोबारा सत्यापन करना होगा। इन उपायों का उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी पर पाबंदी लगाना है।

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