AI से नौकरियों पर असर को लेकर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दी चेतावनी
क्या है खबर?
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि AI अब नौकरी के तरीके को तेजी से बदल रहा है और एंट्री-लेवल जॉब्स पर इसका असर साफ दिखने लगा है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, AI से जुड़े सेक्टर में नई भर्ती कम हो रही है। सुनक का कहना है कि यह बदलाव उम्मीद से ज्यादा तेज है, जिससे सरकारों के लिए समय पर कदम उठाना चुनौती बन रहा है।
मुकाबला
वर्कर्स के बीच बढ़ेगा मुकाबला
सुनक के मुताबिक, सबसे बड़ा खतरा तुरंत नौकरी खत्म होना नहीं बल्कि वर्कर्स के बीच बढ़ता मुकाबला है। उन्होंने कहा कि जो लोग AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे ज्यादा तेज और उत्पादक बन रहे हैं। इससे वे उन लोगों से आगे निकल सकते हैं, जो AI का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में भविष्य में नौकरी बचाने के लिए AI की समझ और इसका सही उपयोग करना बेहद जरूरी हो जाएगा।
स्किल
AI लिटरेसी बनेगी जरूरी स्किल
सुनक ने कहा कि आने वाले समय में AI लिटरेसी हर क्षेत्र में एक जरूरी स्किल बन जाएगी। उन्होंने सरकारों से अपील की कि वे ट्रेनिंग और रीस्किलिंग पर ध्यान दें, ताकि लोग नई तकनीक के साथ खुद को ढाल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स पर जोर देना जरूरी है। इससे लोग बदलते जॉब मार्केट में खुद को मजबूत बना सकेंगे और नए मौके हासिल कर पाएंगे।
जरूरत
टैक्स सुधार और संतुलन की जरूरत
सुनक ने यह भी कहा कि मौजूदा टैक्स सिस्टम में बदलाव जरूरी है। उनके अनुसार, कंपनियों के लिए कर्मचारियों को रखना महंगा पड़ता है, जबकि AI अपनाने पर ऐसा दबाव नहीं होता। इससे कंपनियां हायरिंग की बजाय ऑटोमेशन की ओर बढ़ सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारें रोजगार को बढ़ावा देने के लिए टैक्स कम करें और AI के इस्तेमाल में संतुलन बनाए रखें, ताकि रोजगार के अवसर भी बने रहें।