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न्यूरालिंक चिप से ALS मरीज की आवाज लौटी, दिमाग से सीधे बोलना हुआ संभव
न्यूरालिंक से ALS मरीज को मिली नई आवाज

न्यूरालिंक चिप से ALS मरीज की आवाज लौटी, दिमाग से सीधे बोलना हुआ संभव

Mar 25, 2026
07:22 pm

क्या है खबर?

एलन मस्क की ब्रेन चिप बनाने वाली कंपनी न्यूरालिंक ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के इम्प्लांट की मदद से ALS मरीज केनेथ शॉक फिर से बातचीत कर पा रहे हैं। वह पहले बोलने की क्षमता खो चुके थे, लेकिन अब ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के जरिए अपनी बात कह रहे हैं। यह तकनीक दिमाग के सिग्नल को शब्दों में बदलकर आवाज में पेश करती है, जिससे मरीजों को सामान्य तरीके से संवाद करने में मदद मिल रही है।

काम

कैसे काम करती है यह नई तकनीक?

न्यूरालिंक का सिस्टम दिमाग से निकलने वाले सिग्नल को समझकर उन्हें छोटे-छोटे ध्वनि हिस्सों में बदलता है, जिन्हें फोनीम कहा जाता है। इसके बाद इन्हें जोड़कर पूरे शब्द बनाए जाते हैं। फिर यह शब्द एक डिजिटल आवाज में सुनाए जाते हैं, जो मरीज की असली आवाज जैसी लगती है। यह पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर के जरिए होती है, जिससे बिना बोले भी व्यक्ति अपनी बात साफ और आसान तरीके से कह सकता है।

योजना

मस्क ने बताया बड़ा कदम और भविष्य की योजना

मस्क ने इस तकनीक को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों को फायदा होगा जो बोलने की क्षमता खो चुके हैं। उन्होंने इसे ऐसा कदम बताया जिससे लोग अपने दिमाग से सीधे बात कर सकेंगे। कंपनी इस तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में यह रियल-टाइम में और तेज काम करे और मरीजों को बिना किसी देरी के संवाद करने की सुविधा मिल सके।

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ट्रायल

अभी ट्रायल में है, आगे और काम बाकी

न्यूरालिंक की यह तकनीक अभी क्लिनिकल ट्रायल के चरण में है। इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल से पहले कई तरह की जांच और मंजूरी की जरूरत होगी। इसमें सुरक्षा, डाटा प्राइवेसी और लंबे समय तक असर जैसे मुद्दों पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तकनीक भविष्य में बड़ी मददगार हो सकती है, लेकिन इसे आम लोगों तक पहुंचने में अभी समय लगेगा और लगातार परीक्षण जारी रहेगा।

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ट्विटर पोस्ट

यहां देखें पोस्ट

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