
सनस्पॉट में विस्फोट से उत्पन्न हुआ CME, 9 दिसंबर को आ सकता है सौर तूफान
क्या है खबर?
सूर्य पर मौजूद सनस्पॉट AR3513 में बीते 2 दिनों के दौरान कई बार विस्फोट हुए हैं, जिससे शक्तिशाली सोलर फ्लेयर्स उत्पन्न हुए हैं।
4 दिसंबर को इस सनस्पॉट में विस्फोट के कारण पृथ्वी पर एक हल्का सौर तूफान आया था।
इसके बाद 5 दिसंबर को इसमें विस्फोट से 3 अलग-अलग सोलर प्लेयर्स उत्पन्न हुए, जो M2 श्रेणी के थे।
बीते दिन (6 दिसंबर) इसमें एक बार और विस्फोट हुआ, जिससे कोरोनल मास इंजेक्शन (CME) निकलने की आशंका है।
सौर तूफान
पृथ्वी पर ऐसे आ सकता है सौर तूफान
नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने बीते दिन एक सिग्मॉइड विस्फोट भी दर्ज किया, जो पृथ्वी की तरफ CME फेंक सकता है।
9 दिसंबर को यह CME पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकरा सकता है, जिससे पृथ्वी पर एक सौर तूफान आने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरिक्ष वेबसाइट स्पेस वेदर के अनुसार, बीते दिन हुए विस्फोट से उत्पन्न सोलर फ्लेयर्स के प्रभाव के कारण प्रशांत महासागर क्षेत्र में शॉर्टवेब रेडियो ब्लैकआउट भी हुआ।
खतरा
सौर तूफान से क्या है खतरा?
सौर तूफान को उनके प्रभाव के आधार पर वैज्ञानिकों ने G1 से लेकर G5 तक कुल 5 श्रेणियों में बांटा है।
G1 श्रेणी का सौर तूफान काफी हल्का होता है, लेकिन G5 श्रेणी का सौर तूफान काफी शक्तिशाली होता है।
सौर तूफान सैटेलाइटों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट को बाधित कर सकते हैं।
अत्यधिक शक्तिशाली होने पर ये पावर ग्रिड और पृथ्वी आधारित संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।