खून की एक बूंद से कैंसर की पहचान, चीन के वैज्ञानिकों ने बनाया नया डिवाइस
क्या है खबर?
चीन की वेस्टलेक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा छोटा डिवाइस तैयार किया है, जो खून की सिर्फ एक बूंद से शुरुआती स्टेज के कैंसर का पता लगाने में मदद कर सकता है। यह रिसर्च 13 मई को नेचर फोटोनिक्स जर्नल में प्रकाशित हुई। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मशीन हाथ में पकड़ने लायक है और भविष्य में घर या छोटी क्लिनिक में भी इस्तेमाल हो सकती है। इससे कैंसर जांच पहले से आसान बन सकती है।
काम
कैसे करेगा यह काम?
यह नया डिवाइस खून में मौजूद कैंसर बायोमार्कर की पहचान रोशनी की तीव्रता मापकर करता है। अगर खून के नमूने में बदलाव होता है, तो रोशनी का असर भी बदलता है और मशीन उसे तुरंत पकड़ लेती है। वैज्ञानिकों ने इसके लिए खास 3D चिप तैयार की है। इस तकनीक में बड़े और भारी उपकरणों की जरूरत नहीं पड़ती। इसी वजह से जांच का पूरा सिस्टम छोटा, आसान और तेजी से काम करने वाला बन पाया है।
खासियत
पुराने तरीकों से 10,000 गुना ज्यादा संवेदनशील
वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह डिवाइस पारंपरिक एलिसा टेस्ट के मुकाबले करीब 10,000 गुना ज्यादा संवेदनशील साबित हुआ है। फेफड़े के कैंसर से जुड़े 171 क्लिनिकल सैंपल पर इसकी जांच की गई। शुरुआती पहचान में इसकी सटीकता 94.9 प्रतिशत रही। वहीं ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी में भी 92.1 प्रतिशत तक सही नतीजे मिले। इससे डॉक्टरों को बीमारी जल्दी पकड़ने और इलाज शुरू करने में काफी मदद मिल सकती है।
कीमत
कम कीमत में बड़े स्तर पर बन सकेंगे चिप
रिसर्च टीम ने बताया कि इस तकनीक में इस्तेमाल होने वाले चिप अब बड़े स्तर पर तैयार किए जा सकते हैं। पहले जहां एक चिप की कीमत सैकड़ों डॉलर तक जाती थी, अब इसे करीब 5 डॉलर में बनाया जा सकता है। इससे यह तकनीक ज्यादा लोगों तक पहुंच सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे चलकर यह डिवाइस कैंसर के अलावा दूसरी बीमारियों की शुरुआती जांच में भी अहम भूमिका निभा सकता है।