आर्टेमिस II मिशन: चांद के पास से गुजरेंगे अंतरिक्ष यात्री, आप भी ऐसे देख सकेंगे लाइव
क्या है खबर?
नासा का आर्टेमिस II मिशन अब अपने सबसे अहम और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री चांद के पास से गुजरने वाले हैं। भारतीय समय के अनुसार यह घटनाक्रम सोमवार रात से मंगलवार तक लगातार जारी रहेगा। यह करीब 50 साल बाद इंसानों की चांद के पास वापसी का ऐतिहासिक मौका है। मिशन को दुनियाभर में लाइव दिखाया जाएगा, जिसे लोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर आसानी से देख सकते हैं।
टाइमलाइन
भारत के समय अनुसार पूरी टाइमलाइन
भारतीय समय के अनुसार सोमवार रात 10:11 बजे ओरियन चांद के असर वाले हिस्से में दाखिल होगा और मिशन का अहम चरण शुरू होगा। मंगलवार सुबह 8:20 बजे क्रू सोने जाएगा और शाम 8:20 बजे के आसपास दोबारा जागेगा। रात 10:30 बजे लाइव कवरेज शुरू होगा। इसके बाद रात 11:26 बजे रिकॉर्ड दूरी पार होगी। बुधवार सुबह करीब 4:17 बजे संपर्क टूटेगा और 4:32 बजे चांद के सबसे करीब पहुंचने का अहम पल आएगा।
लाइव
कैसे देख सकते हैं लाइव कवरेज?
इस ऐतिहासिक पल को लोग घर बैठे आसानी से लाइव देख सकते हैं और मिशन का अनुभव ले सकते हैं। नासा का यूट्यूब चैनल 24 घंटे लगातार लाइवस्ट्रीम दे रहा है। इसके अलावा, नासा प्लस, अमेजन प्राइम, ऐपल टीवी और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लाइव कवरेज मिलेगा। भारतीय समय के अनुसार मंगलवार रात करीब 10:30 बजे से मुख्य फ्लाईबाई का प्रसारण शुरू होगा। समय में हल्का बदलाव हो सकता है, इसलिए आधिकारिक चैनल पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
ब्लैकआउट
40 मिनट का ब्लैकआउट और खास नजारा
जब स्पेसक्राफ्ट चांद के पीछे जाएगा, तो भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह करीब 04:17 बजे से लगभग 40 मिनट तक संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा। इस दौरान चांद सिग्नल को पूरी तरह ब्लॉक कर देगा और कोई संपर्क नहीं रहेगा। इसी समय अंतरिक्ष यात्री एक बेहद खास और दुर्लभ नजारा भी देखेंगे, जिसमें पूरा सूर्य ग्रहण शामिल होगा। यह अद्भुत दृश्य धरती से नहीं दिखेगा और सिर्फ अंतरिक्ष यात्री ही इसे देख पाएंगे।
मिशन
इतिहास रच रहा है यह मिशन
यह मिशन कई मायनों में बेहद खास, महत्वपूर्ण और भविष्य के लिए उपयोगी साबित होने वाला है। अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से लगभग 4 लाख किलोमीटर तक दूर जाएंगे, जो एक नया रिकॉर्ड बनाने जैसा होगा। इससे पहले अपोलो 13 मिशन सबसे दूर गया था। इस मिशन में वैज्ञानिक चांद के उन हिस्सों का अध्ययन करेंगे जो पहले ठीक से नहीं देखे गए थे। यह मिशन आने वाले चांद और मंगल मिशनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।