कैसे AI टूल निजी प्रशिक्षकों की बढ़ा रहे क्षमता? हर काम हो जाएगा आसान
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ऑनलाइन निजी प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। ये बार-बार किए जाने वाले कामों को खुद ही पूरा कर देते हैं और ग्राहकों के साथ बातचीत को भी बेहतर बनाते हैं। ये तकनीकें ग्राहकों की जानकारी लेने, वर्कआउट प्लान बनाने और उनकी प्रगति पर नजर रखने जैसे कामों को बहुत सरल बना रही हैं। आइये जानते हैं कि AI टूल ऑनलाइन निजी प्रशिक्षकों को किस तरह ज्यादा असरदार बना रहे हैं।
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ग्राहकों के चेक-इन को ऑटोमैटिक करना
AI से चलने वाले चेक-इन एनालाइज टूल प्रशिक्षक के प्रशासनिक काम का बोझ काफी हद तक कम कर देते हैं। माय PT हब का चेक-इन AI, ग्राहकों के डाटा को प्रोसेस करता है और कुछ ही सेकेंड में उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से सुझाव और प्रगति रिपोर्ट तैयार करके देता है। इस तरह, कोचिंग से जुड़े प्रशासनिक काम में 80 फीसदी तक की कटौती हो जाती है। ट्रेनर अपनी पहचान के हिसाब से जवाब तैयार कर सकते हैं।
#2
जरूरत के हिसाब से बदलने वाले वर्कआउट प्लान
ट्रेनेराइज और माय PT हब जैसे प्लेटफॉर्म AI की शक्ति का इस्तेमाल करके ऐसे वर्कआउट प्लान बनाते हैं, जो ग्राहक की जरूरत के हिसाब से बदलते रहते हैं। ये प्लान ग्राहकों के व्यक्तिगत लक्ष्य, पहले की परफॉर्मेंस और फिटनेस लेवल को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। ग्राहक जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं, ये प्रोग्राम अपने आप बदल जाते हैं। इससे ट्रेनर को स्प्रेडशीट को बार-बार खुद अपडेट करने की झंझट से मुक्ति मिलती है।
#3
वास्तविक समय में आवाज से मार्गदर्शन वाली कोचिंग
रे AI पर्सनल ट्रेनर जैसे वॉयस-गाइडेड कोचिंग ऐप सेशन को बहुत बेहतर बनाते हैं। ये आवाज के कमांड के जरिए तुरंत पुनरावृति गिनते हैं, व्यायाम समझाते हैं और जरूरी बदलाव भी बताते हैं। ये सुविधाएं पारंपरिक ऐप्स के मुकाबले वर्कआउट पूरा करने की दर को 40 से 60 प्रतिशत तक बढ़ा देती हैं। इन टूल्स से मिलने वाली जवाबदेही और बदलाव की सुविधा के कारण लोग आमतौर पर सप्ताह में लगभग 3.2 वर्कआउट पूरे करते हैं।
#4
खास स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बेहतर बनाना
फिटनेस AI जैसे टूल लाखों वर्कआउट के डाटा का इस्तेमाल करके स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के सेट और पुनरावृति को सबसे अच्छा बनाते हैं। एक्सेल और ChatGPT की मदद से बड़े डाटासेट का विश्लेषण करके ये प्लेटफॉर्म ऐसे सारांश तैयार करते हैं, जो ट्रेनिंग सेशन को असरदार बनाने में काम आते हैं। फ्रीलेटिक्स जैसे दूसरे ऐप जरूरत के हिसाब से बदलने वाले बॉडीवेट प्रोग्राम देते हैं, वहीं जिमस्ट्रीक दर्ज की गई कार्यक्षमता के मापदंडों के आधार पर खुद को एडजस्ट करता है।
#5
ग्राहकों की भागीदारी बढ़ाना
AI चैटबॉट ग्राहकों की भागीदारी बढ़ाने में एक खास भूमिका निभाते हैं। ये 24 घंटे सहायता, प्रगति पर नजर रखने और उनकी जरूरत के हिसाब से प्लान बताने जैसी सुविधाएं देते हैं। ये स्मार्ट बॉट ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने में मदद करते हैं और ट्रेनर को हर समय उन पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ती। ये बॉट सही समय पर सहायता और प्रेरणा देकर ग्राहकों को उनके फिटनेस लक्ष्यों के प्रति जुड़ा और समर्पित रखते हैं।