AI से एंट्री-लेवल नौकरियों को नहीं है कोई खतरा- रेडिट CEO स्टीव हफमैन
क्या है खबर?
रेडिट के सह-संस्थापक और CEO स्टीव हफमैन ने AI नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर अलग राय रखी है। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के लिए खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि AI इंजीनियरों की प्रोडक्टिविटी को काफी बढ़ा सकता है और इससे नौकरियां खत्म नहीं होंगी। हफमैन के अनुसार, यह तकनीक काम को आसान बना रही है और कंपनियों को ज्यादा तेजी से नए प्रोजेक्ट पूरे करने में मदद कर रही है।
प्रोडक्टिविटी
AI से बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी
हफमैन ने बताया कि AI टूल्स की मदद से इंजीनियर पहले से ज्यादा काम कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि AI से प्रोडक्टिविटी 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा बढ़ सकती है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही उन्होंने हाल में कोड कम लिखा हो, लेकिन काम ज्यादा किया है। इससे साफ है कि AI काम की गति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
फायदा
नए ग्रेजुएट्स को मिलेगा फायदा
हफमैन का मानना है कि AI से एंट्री-लेवल जॉब्स पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज के नए ग्रेजुएट्स AI टूल्स के साथ काम करना बेहतर तरीके से जानते हैं। इसलिए कंपनियां उन्हें ज्यादा पसंद करेंगी। हफमैन के मुताबिक, युवा इंजीनियर AI के साथ जल्दी सीखते हैं और नए माहौल में खुद को आसानी से ढाल लेते हैं, जिससे उन्हें नौकरी पाने में फायदा हो सकता है।
तरीका
AI के साथ बदल रहा काम करने का तरीका
हफमैन ने कहा कि AI तेजी से बदल रहा है और इसके टूल्स लगातार अपडेट हो रहे हैं। ऐसे में किसी एक तरीके पर टिके रहना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियां कर्मचारियों की संख्या कम करने के बजाय AI की मदद से ज्यादा काम करना चाहती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में AI काम करने के तरीके को बदल देगा, लेकिन नौकरियों को खत्म नहीं करेगा बल्कि उन्हें नया रूप देगा।