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कैसे AI टेलीहेल्थ मॉनिटरिंग में ला रहा बदलाव? 
चिकित्सकों के लिए ऑनलाइन मरीजों की निगरानी करने में AI मदद करता है

कैसे AI टेलीहेल्थ मॉनिटरिंग में ला रहा बदलाव? 

Mar 31, 2026
01:45 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेलीहेल्थ में मरीजों की निगरानी के तरीके में बदलाव ला रहा है। टेलीहेल्थ स्मार्टफोन, कंप्यूटर या वीडियो कॉल के माध्यम से घर बैठे स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला सिस्टम है। रियल-टाइम डाटा विश्लेषण, अलर्ट और समय पर देखभाल जैसी सुविधाओं के साथ AI दूर से की जाने वाली निगरानी को और भी सटीक और आसान बना देता है। आइये जानते हैं टेलीहेल्थ में निगरानी बढ़ाने के लिए AI टूल्स कैसे मददगार साबित हो रहे हैं।

#1

रियल-टाइम डाटा विश्लेषण

इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) में जुड़े AI टूल्स मरीजों के फॉलो-अप को ऑटोमेटिक कर देते हैं। ये शरीर के कार्यों की निगरानी, याद दिलाने, रिकॉर्ड अपडेट करने और वर्चुअल विजिट के लिए शेड्यूल भी बनाते हैं। इस ऑटोमेशन से चिकित्सकों पर काम का बोझ कम होता है और मरीजों की इलाज में भागीदारी बढ़ती है। वियरेबल डिवाइस से जुड़े रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग सिस्टम हार्ट फेलियर या स्ट्रोक जैसे खतरों का पहले से पता लगाने में सहायक है।

#2

RPM सिस्टम में पहले से चेतावनी देने वाले अलर्ट

ऑस्ट्रेलिया के RPM-HF जैसे प्रोग्राम दिखाते हैं कि पहले से चेतावनी देने वाले अलर्ट दोबारा अस्पताल में भर्ती होने से रोकने में कितने असरदार हो सकते हैं। ये सिस्टम वियरेबल्स और दूसरे डिवाइस से मिले डाटा का विश्लेषण करने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं, ताकि गंभीर समस्या बनने से पहले ही संभावित स्वास्थ्य खतरों को पहचान सकें। यह पहले से उठाया गया कदम सही समय पर इलाज शुरू करने में मदद करता है।

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#3

गोपनीयता के लिए फेडरेटेड AI मॉडल

फेडरेटेड और एक्सप्लेनेबल AI मॉडल संवेदनशील जानकारी को अलग-अलग संस्थानों के बीच शेयर किए बिना डाटा का विश्लेषण कर सकते हैं। इस तरीके से, पारदर्शिता के साथ जोखिम की भविष्यवाणी होने से चिकित्सकों का भरोसा बना रहता है और साथ ही मरीजों की गोपनीयता भी बनी रहती है। ऐसे मॉडल हेल्थकेयर प्रदाताओं में भरोसा पैदा करने के लिए बहुत जरूरी हैं। खासकर, जब वे बेहतर इलाज के लिए नई तकनीकें अपनाते हैं।

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#4

पुरानी बीमारियों के प्रबंधन के लिए EHRs के साथ इंटीग्रेशन

पुरानी बीमारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए वाइटल इंटरैक्शन सुझाव देता है कि ऐसे AI टूल्स को प्राथमिकता दी जाए, जो इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) के साथ जुड़ सकें। ये टूल्स सुरक्षित और प्रमाणित परिणाम देते हैं, जिससे चिकित्सकों के लिए बीमारियों का प्रबंधन करना आसान हो जाता है। साथ ही, अपडेटेड मेडिकेयर पॉलिसीज के तहत कई तरह के डिवाइस और कोऑर्डिनेशन टूल्स को सपोर्ट मिलने से नए भुगतान वापसी के अवसर भी मिलते हैं।

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