इस प्लेटफॉर्म से AI अब इंसानों को शारीरिक काम के लिए दे रहा नौकरी
क्या है खबर?
तकनीक की दुनिया में एक अनोखा बदलाव सामने आ रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब इंसानों से काम करवा रहा है। अब तक इंसान AI का इस्तेमाल करते थे, लेकिन इस नए मॉडल में भूमिका उलट गई है। एक नया ऑनलाइन रेंटअह्यूमन प्लेटफॉर्म चर्चा में है, जहां AI एजेंट असल दुनिया के काम पूरे कराने के लिए इंसानों को चुनते हैं। यह लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि भविष्य में काम करने का तरीका कैसे बदलेगा।
प्लेटफॉर्म
रेंटअह्यूमन क्या है और कैसे काम करता है?
रेंटअह्यूमन नामक इस इस प्लेटफॉर्म को क्रिप्टो इंजीनियर अलेक्जेंडर लाइटप्लो ने शुरू किया है। यहां इंसान साइन अप करके छोटे-बड़े काम चुन सकते हैं। AI एजेंट जरूरत के हिसाब से किसी इंसान को काम सौंपते हैं, जैसे सामान लाना, मीटिंग में जाना या किसी जगह जाकर काम करना। इंसान अपने रेट खुद तय करते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार काम चुनते हैं, जिससे यह एक अलग तरह का डिजिटल बाजार बन गया है।
संतुलन
कम AI, ज्यादा इंसान और अजीब संतुलन
इस प्लेटफॉर्म पर दिलचस्प बात यह है कि इंसानों की संख्या AI एजेंट्स से कहीं ज्यादा है। हजारों लोग काम के लिए जुड़े हैं, जबकि AI एजेंट्स की गिनती कम है। कुछ कामों के लिए थोड़ी रकम मिलती है, तो कुछ के लिए ज्यादा भुगतान भी होता है। यह दिखाता है कि फिलहाल लोगों में जिज्ञासा ज्यादा है और खासकर युवाओं और फ्रीलांस काम करने वालों के बीच AI के इस नए रोल को समझने की कोशिश हो रही है।
सवाल
भविष्य के काम पर उठते सवाल
रेंटअह्यूमन जैसे प्लेटफॉर्म कई सवाल खड़े करते हैं। अगर AI इंसानों को काम दे सकता है, कीमत तय कर सकता है और उन्हें मैनेज कर सकता है, तो इंसान और मशीन का रिश्ता बदल सकता है। यह प्रयोग अभी सीमित है, लेकिन यह संकेत देता है कि आने वाले समय में AI सिर्फ मददगार नहीं, बल्कि मैनेजर की भूमिका भी निभा सकता है। खासकर नौकरी और अधिकारों के नजरिए से यह बदलाव रोमांचक भी है और थोड़ा डराने वाला भी,