राज्यसभा में फिर दिखेंगे हरिवंश नारायण सिंह, राष्ट्रपति ने मनोनीत किया
क्या है खबर?
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल शुक्रवार 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, लेकिन वे सदन से बाहर नहीं जाएंगे। उनको राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने नामित सदस्य की सेवानिवृति के कारण रिक्त हुई सीट को भरने के लिए हरिवंश को राज्यसभा में नामित किया है।
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JDU ने इस बार नहीं भेजा राज्यसभा
हरिवंश नारायण को पिछली बार बिहार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। इसके बाद उनको उपसभापति बनाया गया। इस बार JDU से खुद नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। वह शुक्रवार को शपथ ले सकते हैं। ऐसे में हरिवंश को न भेजकर अन्य पार्टी नेताओं को राज्यसभा भेजा गया है। बता दें कि राष्ट्रपति कला, संस्कृति, खेल, विज्ञान और समाज कार्य करने वाले प्रतिष्ठित लोगों को अपने कोटे से राज्यसभा में मनोनीत कर सकते हैं।
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कुल 12 मनोनीत सदस्य होते हैं
राज्यसभा में कुल सदस्य 245 है, जिसमें 233 चुने हुए और कुल 12 मनोनीत सदस्य होते हैं। इनका कार्यकाल 6 साल का ही होता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन, शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर, समाजसेविका सुधा मूर्ति, वीरेंद्र हेगड़े, इलैयाराजा, पीटी ऊषा को मनोनीत किया है। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई भी मनोनीत सदस्य के तौर पर चुने गए थे, जो इस साल सेवानिवृत्त हो चुके हैं।