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दिल्ली में महिला आरक्षण से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता अलका लांबा दोषी करार
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता अलका लांबा दोषी करार

दिल्ली में महिला आरक्षण से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता अलका लांबा दोषी करार

लेखन गजेंद्र
May 25, 2026
05:25 pm

क्या है खबर?

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला आरक्षण से जुड़े 2024 के धरना-प्रदर्शन मामले में कांग्रेस नेता अलका लांबा को दोषी ठहराया है। यह मामला महिला आरक्षण के समर्थन में आयोजित विरोध-प्रदर्शन के बाद संसद मार्ग पुलिस थाने में दर्ज FIR से संबंधित है। मामले में लांबा ने सभी आरोपों से किनारा किया था और पूर्ण मुकदमे की मांग की थी। अब इस मामले पर सजा 4 जून को सुनाई जाएगी।

मामला

क्या है पूरा मामला?

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष लांबा ने 29 जुलाई, 2024 को महिला आरक्षण को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि उन्होंने निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी संसद का घेराव करने, पुलिस को बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक सड़क को अवरुद्ध करने का काम किया। उनके खिलाफ पिछले साल दिसंबर में आरोप तय हुए थे। उनको निषेधाज्ञा के उल्लंघन और लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने से संबंधित आरोपों में दोषी पाया गया है।

बयान

मैं डरने वाली नहीं- लांबा

राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आने के बाद लांबा ने मीडिया से कहा कि उनको यही उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 को जब मानसून सत्र चल रहा था, तब उन्होंने संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था और महिला आरक्षण और सुरक्षा लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दबाव में आकर उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, लेकिन वह डरने वाली नहीं हैं, चाहे कोई भी सजा हो जाए

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