BJD सांसद सस्मित पात्रा ने संसदीय समिति से दिया इस्तीफा, निशिकांत दुबे की टिप्पणी बनी कारण
क्या है खबर?
बीजू जनता दल (BJD) के सांसद सस्मित पात्रा ने भाजपा नेता निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा दुबे के ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद दिया गया है। दरअसल, दुबे ने पटनायक को CIA एजेंट करार दिया था, जिसके कारण काफी विवाद खड़ा हो गया। आइए पूरा मामला जानते हैं।
इस्तीफा
पात्रा ने इस्तीफे में क्या कहा?
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, पात्रा ने राज्यसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा, 'विरोध में और सैद्धांतिक रूप से मैं निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं ऐसे व्यक्ति के अधीन काम नहीं कर सकता जो स्वर्गीय बिजू पटनायक जी के बारे में सार्वजनिक बयान में अपमानजनक टिप्पणी करता है।' पात्रा के इस इस्तीफे ने राजनीतिक गहमा-गहमी को जन्म दे दिया है।
विवाद
कैसे हुआ यह विवाद?
यह विवाद कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब दुबे ने कथित तौर पर कहा था कि 2 बार (1961-63 और 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने वाले बीजू पटनायक 1960 के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और CIA के बीच कड़ी थे। इससे संसद के कई सदस्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पात्रा ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने दुबे के आरोपों को पूरी से झूठा और निराधार करार दिया था।
विरोध
पात्रा ने राज्यसभा में किया था विरोध
सोमवार को राज्यसभा में दस्तावेज पेश किए जाने के बाद पात्रा ने दुबे के अपमानजनक, झूठे और मनगढ़ंत बयानों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था, "उन्होंने (दुबे ने) बिजू पटनायक को CIA एजेंट कहा है। सत्ताधारी पार्टी का यह स्तर गिर चुका है। यह बेहद शर्मनाक है। BJD इसका कड़ा विरोध करता है और विरोध में हम सदन से बाहर जा रहे हैं।" इसके बाद BJD सदस्य वॉकआउट कर गए। उन्होंने दुबे से माफी की मांग की।
आलोचना
नवीन पटनायक ने की दुबे की आलोचना
BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को दुबे के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा सांसद को ये अपमानजनक बातें कहने के लिए किसी मानसिक चिकित्सक की जरूरत है। जब चीनी सेना ने भारत पर हमला किया था तब वह 13 वर्ष के थे और बिजू पटनायक ने चीनी आक्रमणकारियों को खदेड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया था। उन्होंने इसे रोकने के लिए बहुत कुछ किया था।"
परिचय
कौन थे बिजू पटनायक?
ओडिशा के दो बार मुख्यमंत्री रहे और BJD के संस्थापक बीजू पटनायक राज्य के सबसे प्रभावशाली नेता थे। वह स्वतंत्रता सेनानी और कुशल विमान चालक थे। उन्हें अपने साहस और एकजुटता के लिए 'भूमि पुत्र' की उपाधि से सम्मानित किया गया था, जो इंडोनेशियाई सरकार द्वारा विदेशियों को शायद ही कभी दिया जाने वाला सम्मान है। 1995 में उन्हें बिंतांग जासा उतामा (सर्वोच्च सेवा सितारा) पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। उन्हें इंडोनेशिया की मानद नागरिकता भी दी गई थी।