हुमायूं कबीर का गोपनीय वीडियो आया सामने; ओवैसी की पार्टी ने गठबंधन तोड़ा, अब अकेली लड़ेगी
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा बदलाव हुआ है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने बाबरी मस्जिद बनाने का दावा करने से चर्चा में आए हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया है। यह फैसला तब लिया गया, जब एक दिन पहले हुमायूं कबीर का स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह भाजपा से अपने संबंधों को उजागर करते दिख रहे हैं। वीडियो को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जारी किया था।
स्टिंग
TMC ने साझा किया था वीडियो
TMC ने गुरुवार को एक्स पर वीडियो साझा कर लिखा, 'पेश है वह धमाकेदार स्टिंग ऑपरेशन वीडियो, जो बंगाल के खिलाफ भाजपा की गंदी साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश करता है। इस वीडियो में, हुमायूं कबीर खुलेतौर पर यह स्वीकार करते हैं कि भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने के लिए 1,000 करोड़ दिए। हिमंत बिस्वा सरमा, मोहन यादव जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता और यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी इस साजिश में शामिल थे।'
साजिश
वीडियो में हुमायूं ने भाजपा से 1,000 करोड़ लेने की बात स्वीकारी
वीडियो में हुमायूं एक व्यक्ति से बातचीत में कहते दिख रहे हैं, "मुसलमानों को बेवकूफ बनाना आसान है।" उन्होंने वीडियो में बताया कि बाबरी मस्जिद मुद्दे के लिए उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये मांगे, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। वह बता रहे हैं कि बंगाल में अल्पसंख्यक उनकी तरफ आएंगे तो भाजपा को लाभ मिलेगा। हुमांयू ने बताया कि वह PMO के संपर्क में थे और उन्हें भाजपा नेताओं के साथ समन्वय करने की सलाह दी गई थी।
हड़ंकप
वीडियो सामने आने पर आया भूचाल, ओवैसी ने गठबंधन तोड़ा
वीडियो सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया। ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हुमायूं की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से गठबंधन वापस ले लिया। AIMIM ने एक्स पर लिखा, 'हुमायूं कबीर के खुलासों से साफ हुआ कि बंगाल के मुसलमान कितने कमजोर हैं। AIMIM ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती, जिससे मुसलमानों की ईमानदारी पर सवाल उठे।' पार्टी ने कहा कि वह बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।
इनकार
हुमायूं कबीर ने आरोपों को नकारा
हुमायूं कबीर ने सभी आरोपों को नकारते हुए वीडियो को AI बताया और कहा कि नवंबर 2019 से उनका किसी भाजपा नेता से कोई संपर्क नहीं रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और हिमंत बिस्वा सरमा का नाम लेते हुए कहा, "अगर कोई सबूत, कोई तस्वीर हो तो दिखाएं।" उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी पर मनगढ़ंत स्टिंग ऑपरेशन का आरोप लगाया और मानहानि मुकदमा दायर करने की बात कही।
पहचान
कौन हैं हुमायूं कबीर?
हुमायूं मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर से विधायक हैं। उन्होंने 2021 में TMC टिकट पर चुनाव जीता था। वे पहले कांग्रेस में थे और 2013 में TMC में आए गए। उनको 2021 में सफलता मिली और ममता सरकार में राज्यमंत्री रहे। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने का वादा किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद TMC ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। अब AJUP बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
इस वीडियो से मचा हाहाकार
Here is the EXPLOSIVE sting operation video that fully EXPOSES @BJP4India’s dirty conspiracy against Bengal.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 9, 2026
In the video, Humayun Kabir openly admits that BJP PAID him ₹1,000 crore to mislead the minority community, and claims that senior BJP leaders like Himanta Biswa Sarma,… pic.twitter.com/yut8lhR6FS