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यूरोप में 43 डिग्री सेल्सियस और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस का अनुभव क्यों है अलग?
यूरोप में और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस

यूरोप में 43 डिग्री सेल्सियस और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस का अनुभव क्यों है अलग?

लेखन सयाली
Jun 29, 2026
01:49 pm

क्या है खबर?

हाल ही में यूरोप के कुछ देशों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जबकि भारत में भी इस तरह के तापमान का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एक ही तापमान का अनुभव दोनों जगहों पर अलग क्यों होता है? आइए जानते हैं कि तापमान को महसूस करने के तरीके और यूरोप के मौसम में व भारत के मौसम में क्या अंतर है।

#1

भारत में होती है अधिक उमस

भारत में अधिक उमस के कारण गर्मी अधिक महसूस होती है, जबकि यूरोप के मौसम में उमस का स्तर काफी कम होता है। उमस से तात्पर्य है कि हवा में पानी का कितना हिस्सा मौजूद होता है। अधिक उमस वाली गर्मी से पसीना अधिक आता है, लेकिन शरीर को ठंडा रखने में मदद नहीं करता। हालांकि, यूरोप में कम उमस के कारण यहां की गर्मी कुछ हद तक सहनीय होती है।

#2

भारत में अधिक समय तक रहता है गर्मी का असर

भारत में गर्मी का असर अधिक समय तक रहता है। उदाहरण के लिए, 43 डिग्री सेल्सियस का तापमान यूरोप के कुछ देशों में 2-4 दिन के लिए ही रहता है, जबकि भारत में गर्मियों का मौसम लगभग 5 महीने तक चलता है। इसके अलावा गर्मियों के दौरान भारत में दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर भी काफी ज्यादा होता है। हालांकि, यूरोप में यह अंतर कम होता है।

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#3

यूरोप में दिन और रात के तापमान का अंतर होता है ज्यादा

भारत में दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर ज्यादा होता है। उदाहरण के लिए, भारत में गर्मियों के दौरान दिन के समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जबकि रात के समय यह 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। हालांकि, यूरोप में यह अंतर कम होता है। यहां दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, जबकि रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक ही रहता है।

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#4

भारत में गर्मी का अनुभव कैसे होता है अलग?

भारत में गर्मी का अनुभव करने का तरीका भी अलग होता है। यहां गर्मी से लोगों को पसीना आने के साथ-साथ चक्कर, उल्टी और यहां तक ​​कि अस्पताल में भर्ती होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यूरोप के मौसम में गर्मी के कारण लोग अधिक समय तक प्रभावित नहीं होते हैं। यहां गर्मी से लोगों को पसीना नहीं आता और उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या भी नहीं होती।

#5

इन दिनों बढ़ रही है यूरोप के लोगों की परेशानी

हाल ही में यूरोप के लोग गर्मी की वजह से बेहाल महसूस कर रहे हैं। 43 डिग्री तापमान की वजह से वहां के लोग बीमार पड़ने लगे हैं और बेहोशी का शिकार भी होते जा रहे हैं। कुछ इलाकों में लोग पार्क आदि में इखट्टा हो रहे हैं, ताकि उन्हें थोड़ी राहत मिल सके। यूरोप के ज्यादातर सार्वजनिक स्थानों पर AC नहीं होते, जो परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। वहां के लोग ऐसे तापमान के आदी भी नहीं हैं।

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