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भारत के लिए कितना अहम है सेशेल्स, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान क्या होगी चर्चा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में भारतीय समुदाय से मुलाकात की

भारत के लिए कितना अहम है सेशेल्स, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान क्या होगी चर्चा?

लेखन आबिद खान
Jun 27, 2026
04:14 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंच गए हैं। वे आज से 29 जून तक सेशेल्स दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉक्टर पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां गए हैं। वे सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। वे राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और सेशेल्स की विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। आइए दौरे की अहमियत समझते हैं।

दौरा

कैसा रहेगा प्रधानमंत्री मोदी का दौरा?

प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस मौके पर परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और नौसेना के 2 युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। वे सेशेल्स के राष्ट्रपति संग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित करेंगे। आज उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की।

सेशेल्स

भारत के लिए क्यों अहम है सेशेल्स की भौगोलिक स्थिति?

सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में फैले 115 द्वीपों से मिलकर बना है। इससे ये सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों के चौराहे पर स्थित है, जो पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी एशिया, दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को जोड़ते हैं। यहां से रोजाना लाखों जहाज सामान लेकर गुजरते हैं। इन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उन देशों के लिए अहम उद्देश्य है, जो निर्बाध वैश्विक व्यापार पर निर्भर हैं। इनमें भारत भी शामिल है।

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हिंद महासागर

हिंद महासागर के नजरिए से क्यों अहम है सेशेल्स?

हिंद महासागर के प्रमुख प्रतिस्पर्धी क्षेत्र के तौर पर उभरने के साथ सेशेल्स का महत्व और बढ़ गया है। नौसैनिक तैनाती का विस्तार, बंदरगाहों में बढ़ते निवेश और समुद्री प्रभाव के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने हिंद महासागर की अहमियत बढ़ा दी है। खासतौर पर चीन का बुनियादी ढांचे में निवेश, बंदरगाहों तक पहुंच और हिंद महासागर में बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों ने सेशेल्स के साथ भारत के संबंधों के रणनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है।

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रक्षा सहयोग

कैसा है भारत और सेशेल्स में समुद्री रक्षा सहयोग?

भारत ने सेशेल्स में तटीय निगरानी रडार प्रणालियों की स्थापना में मदद की है। साथ ही भारत ने सेशेल्स पीपुल्स डिफेंस फोर्सेज (SPPDF) को कई समुद्री सामग्रियां भी मुहैया कराई हैं, जिनमें इंटरसेप्टर नौकाएं, तेज गश्ती पोत और डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान शामिल हैं। भारत SPPDF को लगातार रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी सहायता और पेशेवर आदान-प्रदान भी करता रहता है। भारतीय नौसेना के जहाज समय-समय पर सेशेल्स के बंदरगाहों और आसपास के जलक्षेत्रों का जलवैज्ञानिक सर्वेक्षण करते हैं।

संबंध

कैसे हैं भारत-सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंध?

ऐतिहासिक अभिलेखों से पता चलता है कि 1770 में 5 भारतीयों का समूह सेशेल्स पहुंचा था। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान सेशेल्स का प्रशासन कुछ समय के लिए बॉम्बे प्रेसीडेंसी से किया जाता था। 29 जून, 1976 को सेशेल्स के आजाद होने के साथ ही भारत ने राजनयिक संबंध स्थापित किए। भारतीय नौसेना के IAS नीलगिरी ने 1976 में सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था। इसी साल तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेशेल्स का दौरा किया था।

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