कौन थी 'मोगली गर्ल', जिसने 18 वर्ष की उम्र में लखनऊ में तोड़ा दम?
क्या है खबर?
मोगली नाम सुनते ही जहन में रुडयार्ड किपलिंग के 'जंगल बुक' की याद ताजा हो जाती है, जिसमें एक बच्चा पेड़-पौधों और जंगली जानवरों के बीच पला बढ़ा था। वो किरदार भले काल्पनिक रहा हो, लेकिन आज से 10 साल पहले उत्तर प्रदेश में एक 'मोगली गर्ल' का पता चला था, जो जंगलों में भटकती मिली थी। 18 वर्षीय बच्ची की 15 जून को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। क्या है बच्ची की कहानी? आइए, जानते हैं।
कहानी
बच्ची कैसे बनी मोगली गर्ल?
करीब 10 साल पहले वर्ष 2017 में बहराइच के कतर्निया घाट में मोतीपुर रेंज के घने जंगलों में एक 11 वर्षीय बच्ची भटकती हुई मिली थी। उसका इंसानों से संपर्क कम था और व्यवहार सामान्य नहीं था। वह जानवरों की तरह चीखकर और इशारों में बात करती थी। चार पैरों पर चलने और कपड़े पहनने से इनकार करने पर उसे मोगली गर्ल कहकर पुकारा गया। उसके व्यवहार ने तब डॉक्टरों और अधिकारियों को हैरान कर दिया था।
पहचान
शहर में मिली नई पहचान
उसे जंगल से शहर में लाकर इलाज किया गया। तब बहराइच की बाल कल्याण समिति ने प्रारंभ में उसका नाम 'पूजा' रखा था। बाद में लखनऊ के मोहन रोड स्थित निर्वाण राजकीय बाल गृह में उसका नाम 'एहसास' रख दिया गया। यहीं उसने अपना अधिकांश जीवन बिताया। निर्वाण फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश सिंह धपोला ने बताया कि वर्षों की देखभाल, उपचार और पुनर्वास ने उसे इंसानों के अनुकूल बनाया और कपड़े पहनने, चीजों को पहचानना और बात करना सिखाया।
विकास
दिमाग का विकास नहीं हो सका
लखनऊ में विशेष देखरेख के दौरान 'एहसास' का शारीरिक विकास तो अच्छा हो गया था, लेकिन उसका मस्तिष्क पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो गया। डॉक्टरों का कहना है कि वह बौद्धिक तौर पर अक्षम थी। उसे बार-बार मिर्गी के दौरे पड़ते थे और कई साल तक इसी का इलाज चलता रहा। वह देखभाल केंद्र में ही एक कर्मचारी को 'अम्मा' कहकर पुकारने लगी थी। बताते हैं कि एहसास आंखों में आंख डालकर बात करने से बचती थी।
निधन
कैसे हुई एहसास की मौत?
एहसास काफी बीमारियों से जूझ रही थी, जिसका इलाज चल रहा था। इस बीच, 8 जून को उसे राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया, जहां से उसे 11 जून को छुट्टी दे दी गई। उसे फिर मोहान रोड लाया गया। यहां 15 जून को उसका ऑक्सीजन स्तर गिरकर 40 प्रतिशत हो गया। उसे लोहिया अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फेफड़ों की बीमारी बताई गई है।