LOADING...
उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मी और लेखपाल समेत ये कर्मचारी छिपा रहे अपनी संपत्ति
उत्तर प्रदेश में पुलिस समेत 65 विभागों के कर्मचारी नहीं कर रहे संपत्ति का खुलासा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मी और लेखपाल समेत ये कर्मचारी छिपा रहे अपनी संपत्ति

लेखन गजेंद्र
Feb 05, 2026
05:33 pm

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संपत्ति का खुलासा न करने वाले राज्य कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। अभी तक उन्होंने 68,000 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। बताया जा रहा है कि 68,236 कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन संपत्ति का खुलासा न करने के कारण रोक दिया गया है। इनमें सबसे अधिक संख्या तृतीय श्रेणी कर्मचारियों (क्लर्क स्तर) की है। आइए, जानते हैं किन विभागों के कर्मचारी अपनी संपत्ति छिपाने में सबसे आगे हैं?

संपत्ति

इन 3 विभागों के कर्मचारी छिपा रहे संपत्ति

दैनिक जागरण के मुताबिक, प्रदेश में स्वास्थ्य, गृह (पुलिस) और राजस्व विभाग के कर्मचारी अपनी संपत्ति छिपाने में सबसे आगे हैं। विभागों के 47,816 कर्मचारियों ने 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। स्वास्थ्य के 15,150, गृह के 6,479 और राजस्व (तहसील) के 5,682 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है, जो 57 प्रतिशत से अधिक हैं। इन विभागों में इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षा अधिकारी, पुलिसकर्मी, लेखपाल आदि तैनात होते हैं।

खुलासा

सिर्फ 8 विभागों के शत-प्रतिशत कर्मचारियों ने बताई संपत्ति

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 73 विभागों में सभी श्रेणियों के 8,65,460 राज्यकर्मी हैं, जिसमें 65 विभागों के सभी कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति की जानकारी नहीं दी है। अभी तक सिर्फ 8 विभागों के शत-प्रतिशत कर्मचारियों ने ही संपत्ति की जानकारी समय से पहले पोर्टल पर अपलोड की है, जिसमें पर्यावरण, ऊर्जा, सैनिक कल्याण, रेशम, आवास और नगर नियोजन, टेक्सटाइल, जिला गजेटियर और विधान परिषद सचिवालय के कर्मचारी शामिल हैं।

Advertisement

राज्य

हर साल संपत्ति का ब्यौरा देना है जरूरी

रिपोर्ट के मुताबिक, संपत्ति की जानकारी न देने वालों में 22,000 से अधिक चतुर्थ श्रेणी, 7,000 से अधिक द्वितीय श्रेणी और 2,000 से अधिक प्रथम श्रेणी के कर्मचारी हैं। प्रदेश में प्रथम श्रेणी का वेतन स्तर 67,700-2,08,700 रुपये, द्वितीय श्रेणी का 44,900-1,42,400 रुपये, तृतीय श्रेणी का 19,900-63,200 रुपये और चतुर्थ श्रेणी का वेतन 19,900-63,200 रुपये के बीच है। प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी राज्यकर्मियों को अनिवार्य रूप से अपनी चल-अचल संपत्ति का वार्षिक देना जरूरी है।

Advertisement