अमेरिकी राजदूत की दलाई लामा से लेह में मुलाकात, चीन क्यों है बेचैन?
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 21 अगस्त को लद्दाख के लेह में दलाई लामा से मुलाकात करेंगे। 91 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु इन दिनों अपनी ग्रीष्मकालीन विश्राम अवधि में हैं, और यह मुलाकात इसी दौरान होने जा रही है। गोर की यह यात्रा उनके उत्तर भारत के व्यापक दौरे का हिस्सा है। इससे पहले, वे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय स्टेकहोल्डर्स से भी बातचीत कर चुके हैं।
बीजिंग ने दलाई लामा की मुलाकात को हस्तक्षेप बताया
अमेरिका लंबे समय से धार्मिक स्वतंत्रता और तिब्बती संस्कृति का समर्थन करता रहा है, जिसके चलते चीन हमेशा नाखुश रहा है। बीजिंग दलाई लामा को एक राजनीतिक नेता मानता है और ऐसी मुलाकातों को 'हस्तक्षेप' करार देता है।
इस मुलाकात का स्थान भी काफी अहमियत रखता है। लेह, लद्दाख चीन के साथ लगती विवादित सीमा के ठीक पास है। हालांकि, बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि मानवाधिकार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर बात हो सकती है।