फुकेत-दिल्ली उड़ान हादसे के बाद एयर इंडिया के 2 और पायलट ड्रग टेस्ट में हुए फेल
क्या है खबर?
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान में हुए गंभीर हादसे के बाद टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी में बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। एयरलाइन द्वारा सभी पायलटों के लिए अनिवार्य किए प्रारंभिक ड्रग टेस्ट में 2 और पायलट फेल हो गए हैं। कंपनी ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और उनकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। आमतौर पर अंतिम ड्रग टेस्ट के परिणाम 24-48 घंटे में आते हैं।
कारण
क्यों की जा रही है एयर इंडिया के पायलटों की जांच?
गत 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान एयरबस A320 अचानक लगभग 300 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गई, जिससे 24 यात्री और चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
बाद में मुख्य पायलट के पेशाब के 2 टेस्ट कराए गए थे। इस जांच में उसके सिस्टम में मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई थी।
केबिन क्रू के एक सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई थी कि संबंधित पायलट ने उड़ान से पहले 'पॉट' (गांजा) का सेवन किया था।
आदेश
एयर इंडिया ने दिए सभी पायलटों की जांच के आदेश
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद एयर इंडिया ने नया मानक संचालन प्रोटोकॉल जारी करते हुए अपने सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट कराने का आदेश दिया।
अब तक 400 से अधिक पायलटों की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 2 और पायलट प्रारंभिक टेस्ट पास नहीं कर पाए हैं।
अब अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अगर, दोनों पायलट उसमें भी फेल हो जाते हैं, तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जा सकते हैं।
हादसा
फुकेत-दिल्ली उड़ान हादसे में क्या हुआ था?
फुकेत-दिल्ली उड़ान के अचानक 300 फीट नीचे आने के कारणों की जांच में सामने आया कि विमान के मुख्य नियंत्रण हिस्से जैसे एलीवेटर्स, एलिरॉन्स और स्पॉयलर ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था।
विमान इतिहास में इस श्रेणी के जेट में ऐसी विफलता अभूतपूर्व मानी जा रही है।
इसी तरह विमान के सभी 3 हाइड्रोलिक सिस्टम ठप हो गए थे, जिसके कारण पायलट के बिना किसी कमांड के विमान के पंख और नोज ड्रिफ्ट करने लगे थे।
बयान
एयर इंडिया ने जारी किया बयान
एयर इंडिया ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वे किसी एक हादसे पर निर्भर न रहकर, नागरिक उड्डयन नियमों के तहत अपने चालक दल के सदस्यों का नियमित और कड़ा ड्रग व अल्कोहल टेस्ट सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
हालांकि, जांच में 2 और पायलटों के शुरुआत टेस्ट में फेल होने को देखते हुए कंपनी की जांच और यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।