अरब सागर के ऊपर से 3,000 किलोमीटर लंबी यात्रा पर निकले तीन अमूर फाल्कन पक्षी
दक्षिणी अफ्रीका में सर्दी का मौसम बिताने के बाद, तीन अमूर फाल्कन (अपापां, आलां और अहू) अब भारत की ओर लौट रहे हैं। सैटेलाइट टैग्स से ट्रैक किए जा रहे इन पक्षियों ने हाल ही में बोत्सवाना और जिम्बाब्वे से अपनी उड़ान भरी है। ये अरब सागर के ऊपर से 3,000 किलोमीटर की एक लंबी और बिना रुके यात्रा पर निकल पड़े हैं। तमिलनाडु की पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने सोशल मीडिया पर इस वापसी से जुड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि तेज हवाएं इन पक्षियों को अरब सागर सुरक्षित पार करने में सहायक होंगी।
मणिपुर का प्रोजेक्ट 11,000 किलोमीटर से ज़्यादा की उड़ान पर रख रहा नज़र
मणिपुर में चलाए जा रहे अमूर फाल्कन ट्रैकिंग प्रोजेक्ट की बदौलत वैज्ञानिकों को इन पक्षियों के माइग्रेशन रूट्स के बारे में कई अहम बातें पता चल रही हैं। एक समय में इन पक्षियों का शिकार किया जाता था, लेकिन अब मणिपुर में इन्हें खास सुरक्षा मिली हुई है। टैग किए गए इन फाल्कन ने अफ्रीका और एशिया के बीच पहले ही करीब 11,000 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। इस डेटा से शोधकर्ताओं को यह समझने में आसानी हो रही है कि ये नन्हे प्रवासी पक्षी इतनी लंबी दूरी कैसे तय कर लेते हैं। साथ ही, इससे उनके रास्ते में पड़ने वाले स्टॉपओवर साइट्स को और बेहतर तरीके से कैसे संरक्षित किया जाए, इस पर भी जानकारी मिल रही है।