सुप्रीम कोर्ट ने पादरी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई, केवल ईसाई धर्म को सच्चा बताया था
सुप्रीम कोर्ट ने पादरी विनीत विंसेंट परेरा के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। उन पर ईसाई धर्म को एकमात्र सच्चा धर्म बताने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम तब आया जब परेरा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस हालिया फैसले को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
हाई कोर्ट ने कहा था- परेरा के बयान आपत्तिजनक हो सकते हैं
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि परेरा के ये बयान भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का अनादर कर सकते हैं। इसके अलावा, ये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कानूनों का उल्लंघन भी हो सकते हैं। पुलिस को भले ही जबरन धर्म परिवर्तन का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला था, लेकिन उनका तर्क था कि परेरा की प्रार्थना सभाओं में कही गई बातों से दूसरे धर्मों के लोग नाराज़ हुए थे।
अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से परेरा की याचिका पर जवाब मांगा है। परेरा के वकीलों का दावा है कि निचली अदालत ने आरोपों की ठीक से जाँच नहीं की थी।