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SIR पर सुप्रीम कोर्ट का सरकार-चुनाव आयोग को नोटिस; राहुल गांधी से भी सफाई मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने SIR और दिल्ली विरोध प्रदर्शन से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई की

SIR पर सुप्रीम कोर्ट का सरकार-चुनाव आयोग को नोटिस; राहुल गांधी से भी सफाई मांगी

लेखन आबिद खान
Oct 15, 2026
01:54 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और मतदाताओं के नाम हटाने को चुनौती दी गई है।

जंतर मंतर

जंतर मंतर को धरना स्थल सूची से हटाने के लिए भी नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को भी नोटिस जारी कर उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में निरस्त किए जाने को चुनौती दी गई है।

दरअसल, 12 अक्टूबर को सरकार ने दिल्ली के जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया था। इसके बजाय रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए थे।

राहुल गांधी

सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को लेकर राहुल से भी सफाई मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने SIR अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के खिलाफ दायर याचिका पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य को भी नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने राहुल के आचरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें इस पर स्पष्टीकरण देना होगा। CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता।

राहुल और अन्य विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था।

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CCTV

कोर्ट ने कहा- प्रदर्शन के फुटेज सुरक्षित रखे जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

जस्टिस बागची ने कहा, "हम यह आदेश दे रहे हैं कि सभी CCTV फुटेज संभालकर रखे जाएं। कानून लागू करने वाली सभी एजेंसियों (जैसे पुलिस/प्रशासन) को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने द्वारा जुटाए गए CCTV या किसी भी अन्य डिजिटल फुटेज/सामग्री को सुरक्षित रखें। इसी तरह निजी पक्ष भी इसे पेश करने के लिए स्वतंत्र हैं।"

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पत्रकार

सरकार बोली- मोबाइल फोन वाला हर व्यक्ति पत्रकार

प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों पर कथित हमले का मुद्दा भी उठा। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि तकनीक के इस युग में मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति पत्रकार हो सकता है।

मेहता ने कहा, "कई लोग माइक्रोफोन लेकर घूमते हैं, दावा करते हैं कि वे रिकॉर्डिंग कर रहे हैं और बाद में वीडियो को रील के रूप में अपलोड करते हैं। एक रीलमेकर और स्वतंत्र पत्रकार के बीच अंतर करना मुश्किल है।"

याचिकाएं

किन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है सुप्रीम कोर्ट?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। मोटे तौर पर ये मुद्दों को लेकर है- SIR और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन।

SIR को लेकर जो याचिकाएं हैं, उनमें SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती दी गई है।

वहीं, दिल्ली प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं में मेट्रो, रेल और इंटरनेट बंद करने और कोर्ट के आदेश की अवहेलना को लेकर आपत्तियां हैं।

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