सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ याचिका, पीठ बोली- इतनी भावुकता से न लें
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ याचिका पर सोमवार को सुनवाई की और उस पर तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। एक वकील ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए CJP से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की थी। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वीएम पंचोली की पीठ ने कहा कि इसे इतना भावनात्मक रूप से नहीं लेना चाहिए।
सुनवाई
CJP के खिलाफ अलग-अलग दायर की गई है याचिका
कोर्ट ने CJP के खिलाफ अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गई है। इस दौरान एक याचिकाकर्ता ने कहा कि कोर्ट में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है। इस पर CJI ने जवाब दिया, "अभी ऐसी कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है। देखते हैं क्या होता है।" एक अलग याचिका में आंदोलन से जुड़े व्यक्तियों के फर्जी अधिवक्ताओं और फर्जी कानून की डिग्रियों की जांच की भी मांग की गई है।
पार्टी
CJI की टिप्पणी के बाद CJP का उदय
CJI सूर्यकांत ने 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान युवा वकीलों के सोशल मीडिया, मीडिया और RTI की तरफ जाने पर कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह समाज में परजीवी बन रहे हैं। इस टिप्पणी से ऑनलाइन आक्रोश पैदा हो हुआ, जिसके बाद बोस्टन विश्वविद्यालय से स्नातक अभिजीत दिपके (30) ने व्यंग्यात्मक युवा आंदोलन के रूप में CJP का गठन किया। हालांकि, बाद में CJI ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया था।