जज के चैंबर में 'ताक-झांक' की कोशिश पर बवाल, कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस घोष ने जमानत सुनवाई से खींचे हाथ
कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सुव्रा घोष ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह फैसला एक अजीब घटनाक्रम के बाद आया है।
दरअसल, यह आरोप है कि बोस के एक वकील और जस्टिस घोष के निजी सचिव ने उनके चैंबर में रखी केस फाइलों में कथित तौर पर झांकने की कोशिश की। जस्टिस घोष ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी इस हरकत से कोई गलत इरादा झलकता है। इसके बाद उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को दे दी है। अब यह मामला एक नई बेंच को सौंपा जाएगा।
सुजीत बोस न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे
सुजीत बोस को मई में गिरफ्तार किया गया था। उन पर नगर निगम की नौकरियों से जुड़े एक बड़े भर्ती घोटाले का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि उन्होंने करीब 150 लोगों के नाम नौकरियों के लिए सुझाए थे और भ्रष्टाचार से मिली रकम अपने परिवार के खातों में डाली थी। फिलहाल, बोस न्यायिक हिरासत में ही हैं और उनकी जमानत पर फैसला आना अभी बाकी है।