LOADING...
POCSO और ऑनलाइन पीछा करने वाले को जमानत, एक साल सोशल मीडिया न चलाने की सजा
POCSO और ऑनलाइन पीछा करने वाले को एक साल सोशल मीडिया न चलाने की शर्त के साथ जमानत

POCSO और ऑनलाइन पीछा करने वाले को जमानत, एक साल सोशल मीडिया न चलाने की सजा

लेखन गजेंद्र
May 26, 2026
07:14 pm

क्या है खबर?

राजस्थान हाई कोर्ट ने बाल यौन उत्पीड़न और ऑनलाइन पीछा करने वाले एक 20 वर्षीय व्यक्ति को हाल में शर्तों के साथ जमानत दे दी। कोर्ट ने आरोपी को एक साल तक सोशल मीडिया का उपयोग न करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने चेतावनी दी कि अगर आरोपी किसी भी फर्जी नाम से भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेगा तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।

आदेश

फरवरी से जेल में बंद था आरोपी

आरोपी युवक को फरवरी में बीकानेर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(2) (ऑनलाइन पीछा करना), 79 (किसी महिला को अपमानित करने के इरादे से कार्य) और POCSO अधिनियम की धारा 11/12 के तहत गिरफ्तार किया था। आरोपी 24 फरवरी से हिरासत में था। उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि युवक को नाबालिग लड़की के पिता के झूठे आरोपों में फंसाया गया है, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किया। इसके बाद अदालत ने जमानत की मंजूरी दी।

सुनवाई

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को एक वर्ष तक इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, थ्रेड, शेयरचैट आदि जैसे सभी प्रकार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित किया गया है। अगर याचिकाकर्ता अपने नाम या किसी काल्पनिक नाम से किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है तो जमानत रद्द हो जाएगी। कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता पीड़ित या पीड़ित के परिवार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क नहीं करेगा और कोई भी सोशल मीडिया मंच से संदेश अग्रेषित या नहीं भेजेगा।"

Advertisement