महाराष्ट्र में ड्राइवरों की 'मराठी परीक्षा', विफल हुए तो परमिट पर तलवार
आज से महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ओला और उबर चलाने वाले सभी ड्राइवरों को मराठी भाषा का ज्ञान दिखाना होगा। यह नियम राज्य भर में लगभग 9.65 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिट और बैज पर लागू होगा।
अगर कोई ड्राइवर वीडियो रिकॉर्डेड भाषा टेस्ट में फेल हो जाता है, तो उसे अपनी मराठी सुधारने के लिए एक महीने का समय मिलेगा। इसके बाद भी अगर वह पास नहीं होता है, तो उसका बैज 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। बार-बार फेल होने पर ड्राइवर अपना बैज और परमिट हमेशा के लिए खो सकता है।
महाराष्ट्र में 15 साल के फर्जी सर्टिफिकेट की जांच
जो भी नया परमिट या बैज लेना चाहता है, उसे भी कैमरे पर मराठी भाषा का यह टेस्ट पास करना होगा। इसके अलावा, अधिकारी उन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि परमिट पाने के लिए लोग 15 साल पुराने फर्जी रेजिडेंसी सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं।
एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवि गायकवाड़ इस जांच का नेतृत्व कर रहे हैं, और उन्हें अगले महीने के आखिर तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।