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महाराष्ट्र: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 25 किलोमीटर लंबा जाम, 30 घंटे तक जाम में कैसे फंसे लोग?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 25 किलोमीटर लंबा जाम

महाराष्ट्र: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 25 किलोमीटर लंबा जाम, 30 घंटे तक जाम में कैसे फंसे लोग?

लेखन गजेंद्र
Feb 05, 2026
12:47 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 3 फरवरी से 25 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ था, जो गुरुवार सुबह बड़ी मशक्कत के बाद खुल गया। इस दौरान एक से डेढ़ लाख लोग 30 घंटे तक राजमार्ग पर ही फंसे रहे। उनको न तो पानी मिला औऱ न ही खाना। उनका शौच जाना भी मुश्किल हो गया। जाम की कुछ तस्वीरें हेलीकॉप्टर से ली गई हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं।

जाम

क्यों लगा था जाम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 फरवरी को शाम 5 बजे रायगढ़ जिले के खंडाला घाट सेक्शन पर अडोशी टनल के पास एक गैंस टैंकर पलट गया था। टैंकर में ज्वलनशील प्रोपलीन गैस थी, जिसका रिसाव होने लगा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने मुंबई की ओर जाने वाले एक्सप्रेसवे को बैरीकेड लगाकर बंद कर दिया। इससे लंबा जाम लग गया और पुणे से मुंबई जाने वाली गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। यह 25 किलोमीटर तक पहुंच गया।

बहाल

कैसे खुला जाम?

महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अधिकारियों ने बताया कि टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर करने औऱ क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से हटाने तक यातायात बाधित रहा। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों को दूसरी लेन पर स्थानांतरित करके जाम को खोला गया। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमों को स्थिति को संभालने के तैनात किया गया था।

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सहायता

उद्योगपति ने हेलीकॉप्टर का लिया सहारा

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे में आम लोगों के साथ जाम में फंसे लोगों में उद्योगपति और पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ सुधीर मेहता भी शामिल थे। उन्होंने जाम में 8 घंटे तक फंसे रहने के बाद हेलीकॉप्टर बुलाया और उसकी मदद से पुणे पहुंचे। उन्होंने एक्स पर हेलीकॉप्टर से जाम की तस्वीरें और वीडियो साझा की। उन्होंने इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर आपातकालीन योजना बनाने का सुझाव दिया है।

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सुझाव

उद्योगपति ने दिया सुझाव

उद्योगपति मेहता ने ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुझाव भी दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर एग्जिट प्लान करने चाहिए, जिन्हें गाड़ियों को वापस जाने देने के लिए खोला जा सके। हेलीपैड बनाने में 10 लाख रुपये से भी कम खर्च आता है और इसके लिए एक एकड़ से भी कम खुली जगह की ज़रूरत होती है। इमरजेंसी में लोगों को निकालने के लिए एक्सप्रेसवे के पास अलग-अलग पॉइंट्स पर ये अनिवार्य होने चाहिए।'

मदद

यात्रियों का टोल टैक्स माफ, राहत सामग्री बांटी गई

MSRDC ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से मुंबई-बाउंड कैरिजवे भी बंद रखा गया है, जिससे दोनों तरफ यातायात जाम हुआ। जाम लगने के दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई थी। जाम से महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें फंसी रहीं और 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार MSRDC ने अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर यात्रियों को बिस्कुट और पानी का वितरण किया।

ट्विटर पोस्ट

जाम का दृश्य

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