केरल की 'अम्माथोटिल' योजना ने रचा कीर्तिमान, 1000 बच्चों को मिला नया जीवन
केरल ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां की 'अम्माथोटिल' (मां का झूला) योजना ने अपना 1000वां बच्चा सुरक्षित किया है।
साल 2002 से चली आ रही इस योजना के तहत, जो माता-पिता अपने नवजात बच्चों को छोड़ना चाहते हैं, वे गुमनाम और सुरक्षित तरीके से अपने नवजात बच्चे को केरल राज्य बाल कल्याण परिषद (KSCCW) के सेंटर में दे सकते हैं।
इस योजना के तहत मिली 1000वीं बच्ची 5 दिन की है, जिसका नाम सहस्रा रखा गया है। वह KSCCW के तिरुवनंतपुरम सेंटर में मिली थी।
'अम्माथोटिल' की कामयाबी, 97 प्रतिशत बच्चों को मिली नई जिंदगी
यह योजना अभी केरल के 11 जिलों में लागू है। अब तक इसने 681 लड़कियों और 319 लड़कों को सहारा दिया है। सबसे खास बात यह है कि इन बच्चों में से 97 प्रतिशत से ज्यादा को दुनियाभर के परिवारों ने गोद ले लिया है।
जब कोई बच्चा अम्माथोटिल में पहुंचता, तो उसे तुरंत मेडिकल देखभाल मिलती है। अगर 60 दिनों के बाद भी कोई अभिभावक बच्चे को लेने नहीं आता, तो उसे गोद लेने के लिए उपलब्ध मान लिया जाता है।
भविष्य की बात करें तो केरल सरकार की योजना है कि जनवरी 2027 तक पूरे राज्य में ऐसे सेंटर खोले जाएं, ताकि गोद लिए जाने वाले बच्चों की मदद और भी बेहतर तरीके से हो सके।