जबलपुर नाव हादसे में ग्रामीणों ने देवदूत बन बचाई जान, बचे हुए लोगों ने की तारीफ
जबलपुर के बरगी बांध पर 30 अप्रैल को एक नाव पलट गई, जिससे एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक आए तूफान के कारण यह नाव पलट गई और इसमें सवार 35 से 40 यात्री पानी में जा गिरे।
मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की यह बोट पानी में चल रही थी, और शाम होते-होते यह हादसे का शिकार होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल 13 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिनमें मरीना मेसी और उनका 4 साल का बेटा त्रिशान भी थे।
बचे हुए लोग ग्रामीणों की तारीफ कर रहे
हादसे में बचे लोगों ने बताया कि उस वक्त चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और नाव के क्रू ने उनकी कोई मदद नहीं की। यहां तक कि एक यात्री को लाइफ जैकेट निकालने के लिए कैबिनेट तोड़ना पड़ा।
जूलियस मैसी ने बताया कि उन्होंने एक ट्यूब को पकड़कर अपनी जान बचाई, लेकिन उनकी बेटी और पोते को सिर्फ एक ही लाइफ जैकेट मिल पाई थी। उन्होंने कहा, "हमें मदद के लिए कोई नहीं आया, हम खुद अपने भरोसे थे।"
हालांकि, जूलियस मैसी ने उन स्थानीय ग्रामीणों की जमकर तारीफ की, जिन्होंने सरकारी मदद पहुंचने से पहले ही पानी में कूदकर लोगों की जान बचाई। अब तक बांध से 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।