भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा बाजार बना
भारत अब रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। यह बड़ी कामयाबी मार्च 2026 में रिकॉर्ड 6.65 गीगावाट सोलर क्षमता स्थापित होने की वजह से मिली है। यह किसी भी एक महीने में स्थापित की गई सबसे ज्यादा सोलर क्षमता है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु को विशेष रूप से सराहा है।
भारत ने जोड़ी 55.3 गीगावाट नॉन-फॉसिल क्षमता
वित्तीय वर्ष 2026 में भारत ने अपनी नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता में 55.3 गीगावाट की बढ़ोतरी की है। इसमें ज्यादातर योगदान सोलर ऊर्जा का रहा है, जिसकी कुल क्षमता अब 150 गीगावाट से भी अधिक हो गई है। वहीं, विंड पावर (पवन ऊर्जा) भी अच्छी बढ़ी है और अब यह लगभग 56 गीगावाट पर पहुंच गई है। इन दोनों को मिलाकर देश की कुल क्लीन पावर क्षमता करीब 283 गीगावाट हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक यह आंकड़ा 500 गीगावाट तक पहुंच जाए। हालांकि, अभी भी बिजली उत्पादन में कोयले का ही प्रमुख योगदान है। मार्च 2026 के आखिर तक, नॉन-फॉसिल फ्यूल का हिस्सा 29.2% था, जो बताता है कि प्रगति तो हो रही है, लेकिन मंजिल अभी दूर है।