ग्रेटर नोएडा में अधूरे रास्ते पर चल रहे बाइक सवार प्रबंधक की गड्ढे में गिरकर मौत
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सड़क का गड्ढा एक युवक के लिए काल बन गया। यहां हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा के पास एक अंतरराज्यीय सड़क के अधूरे और बिना बैरिकेड वाले हिस्से पर गिरने से 45 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई। मृतक अतुल कुमार जोशी नोएडा के एक निजी नेत्र अस्पताल में प्रबंधक थे। हादसा रविवार रात को तब हुआ, जब वे नोएडा से फरीदाबाद NIT स्थित अपने घर जा रहे थे।
घटना
8 घंटे तक नहीं मिली मदद, रक्तस्राव से मौत
जीबी नगर में डंकौर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद जोशी का हेलमेट चकनाचूर हो गया, जिससे पता चलता है कि उन्हें सिर में चोट लगी थी। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद वे कुछ समय तक जीवित थे, लेकिन आंतरिक चोटों, रक्तस्राव और सुनसान जगह पर समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि जोशी करीब 8 घंटे तक तड़पते रहे।
जांच
जीपीएस ने नहीं बताया खतरा, सड़क पर लाइट न कोई चेतावनी
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, फरीदाबाद में मंझावली के पास यमुना रोड पर एक अधूरी अंतरराज्यीय सड़क है, जो उत्तर प्रदेश के खेतों में समाप्त होती है। यह सड़क फरीदाबाद को ग्रेटर नोएडा से जोड़ रही है। यमुना रोड के इस हिस्से पर कोई चेतावनी चिन्ह, सावधानी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेड या स्ट्रीटलाइट नहीं थे। खेतों में सड़क के अचानक समाप्त होने वाले बिंदु पर भी बैरिकेड नहीं थे। संदेह है कि जोशी जीपीएस मैप देखकर चल रहे थे, जिससे हादसा हुआ।
जांच
किसानों ने शव देखकर पुलिस को दी सूचना
घटना के बाद सुबह तक इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। सुबह कुछ किसान खेतों पर जा रहे थे, तभी उन्होंने युवक का शव देखकर पुलिस को सूचना दी। फरीदाबाद के तिगांव पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर इंस्पेक्टर रणबीर सिंह ने ग्रामीणों ने सोमवार सुबह 7:30 बजे सूचना दी। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद पता चला कि दुर्घटना उत्तर प्रदेश में हुई थी, क्योंकि जोशी हरियाणा सीमा से 45-50 मीटर दूर थे।
जांच
रुका पड़ा है सड़क का कार्य
रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद जिला प्रशासन ने बताया कि हरियाणा की तरफ सड़क परियोजना पूरी हो चुकी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। इस परियोजना का उद्देश्य फरीदाबाद-ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा का समय 2 घंटे से घटाकर 25-30 मिनट करना है। इस घटना ने जनवरी में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की याद ताजा कर दी है, जिनकी कार नोएडा में 20 फुट गहरे गड्ढे में गिर गई थी।