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राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR दर्ज, बिना अनुमति आकाशवाणी भवन में घुसने का आरोप
राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है

राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR दर्ज, बिना अनुमति आकाशवाणी भवन में घुसने का आरोप

लेखन आबिद खान
Oct 07, 2026
11:08 am

क्या है खबर?

दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है। सभी पर बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन में घुसने के आरोप हैं। आकाशवाणी की ओर से शिकायत के बाद ये कार्रवाई की गई है। दरअसल, बीते दिन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विपक्ष ने मार्च निकाला था। इसी दौरान राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठ गए थे।

पुलिस

पुलिस बोली- राहुल ने मार्च की अनुमति नहीं ली

पुलिस के अनुसार, INDIA ब्लॉक ने संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी।

पुलिस ने बताया कि इस प्रस्तावित मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी और न ही दी गई थी।

इस जमावड़े को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका के चलते सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

धरना

आकाशवाणी भवन में 8 घंटे धरने पर बैठे थे राहुल-प्रियंका

मार्च के दौरान पुलिस ने नेताओं को रोक लिया था और बसों में बैठाकर ले जा रही थी। इसी दौरान राहुल और प्रियंका गांधी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन के अंदर चले गए। दोनों परिसर में धरने पर बैठ गए।

दोनों 8 घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे। रात करीब 8 बजे पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।

हालांकि, 2 घंटे बाद छोड़ दिया गया।

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खड़गे

खड़गे ने विपक्षी सांसदों को खाने पर आमंत्रित किया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज INDIA के सभी सांसदों को लंच पर बुलाया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रदर्शन को लेकर आगे की रणनीति बनाने पर चर्चा की जाएगी।

सभी सांसदों को दोपहर 1:30 बजे दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में बुलाया गया है।

इस बैठक में सभी सांसद CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने का समय मांगने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।

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जानकारी

राहुल बोले- इसका हिसाब जरूर होगा

राहुल ने हिरासत में लिए जाने का वीडियो साझा किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'लोकतंत्र के गद्दारो को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा- एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा।'

विवाद

क्या है ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ फैसले या आदेश दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद विपक्ष CEC ज्ञानेश के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग कर रहा है।

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