सरकारी अधिकारी बन 15 करोड़ की ठगी: बुजुर्ग दंपत्ति को बनाया निशाना, ऐसे खुला NGO वाले गिरोह का राज!
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर इस जोड़े को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने दंपत्ति को डराया कि उनका फोन नंबर मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले से जुड़ा है। यह सुनकर घबराए हुए दंपत्ति ने दिसंबर 2025 के आखिर से लेकर जनवरी 2026 की शुरुआत तक कई किस्तों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। यह सारा पैसा सिर्फ 'वेरिफिकेशन' यानी सत्यापन के नाम पर लिया गया था। बाद में जांच से पता चला कि यह रकम अलग-अलग NGO और कई कंपनियों के खातों में भेज दी गई थी।
NGO के जरिए फंड डायवर्ट करने वाले गिरफ्तार
पुलिस ने इस ठगी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दिव्यांग, कृतिक, रॉबिन और नील जैसे नाम शामिल हैं। जांच से खुलासा हुआ कि ठगों ने शिवंश चैरिटेबल फाउंडेशन और फ्लोरेस्टा फाउंडेशन जैसे कई NGO का इस्तेमाल पैसा भेजने के लिए किया था।
शिवंश फाउंडेशन को 2.1 करोड़ रुपये और फ्लोरेस्टा फाउंडेशन को 4 करोड़ रुपये भेजे गए थे, जिसे दान के तौर पर दिखाया गया। कुछ ठगों ने तो लोगों के फोन को दूर बैठे ही हैक करने के लिए APK फाइल्स का भी इस्तेमाल किया था। यह सब एक बड़े साइबर क्राइम गिरोह का काम था जिसका अब पर्दाफाश हुआ है।