दिल्ली में 2047 के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान, बाढ़, आग और महामारी से बचाने की तैयारी
दिल्ली में 2047 के लिए बनाए गए नए मास्टर प्लान का मुख्य लक्ष्य शहर को हर तरह की मुश्किलों के लिए तैयार करना है, चाहे वह बाढ़ हो, आग लगे या फिर कोई महामारी ही क्यों न आ जाए। कोरोना वायरस और 2023 की रिकॉर्ड तोड़ यमुना बाढ़ जैसी चुनौतियों का सामना करने के बाद योजना बनाने वाले अधिकारी अब उन इलाकों पर खास ध्यान दे रहे हैं जहां आबादी घनी है। उनका मकसद है कि दिल्ली ऐसी किसी भी आपदा से तेजी से उबर पाए।
दिल्ली के मास्टर प्लान में बाढ़ और आग के लिए खास उपाय
बाढ़ से निपटने के लिए इस योजना में नालियों की नियमित सफाई और बाढ़-संभावित इलाकों के पार्कों को अतिरिक्त पानी सोखने वाले बाढ़-कुंडों (फ्लड सिंक) में बदलने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, यमुना के किनारे बारिश के पानी को जमा करने के लिए नए प्रोजेक्ट भी शुरू किए जाएंगे। आग से बचाव के लिए ज्वलनशील सामग्री रखने वाली इमारतों को सरकारी मंजूरी लेनी होगी और जिन इमारतों में आग लगने का खतरा ज्यादा है, उनमें आग से बचाव और रोकथाम के उपाय करने होंगे। घनी आबादी वाले इलाकों में और ज्यादा हाइड्रेंट, मोबाइल फायर हाइड्रेंट और आग बुझाने के अन्य उपकरण लगाए जाने का भी प्रस्ताव है।