मास्टर प्लान 2047: दिल्ली अब महामारी और आपदाओं से लड़ेगी डटकर, पढ़ें राजधानी का नया खाका
दिल्ली सरकार ने अपना मास्टर प्लान 2047 जारी कर दिया है। इस नए प्लान का पूरा मकसद है कि शहर किसी भी महामारी या बड़ी आपदा का मजबूती से सामना कर सके।
इसके लिए ज्यादा हरियाली और खुले मैदान बनाने, घर के पास ही फ्लेक्सिबल वर्क हब और सस्ते घरों पर जोर दिया गया है, खासकर प्रवासी लोगों के लिए। इसके अलावा, घनी आबादी वाले इलाकों में खास सुरक्षित ठिकाने बनाए जाएँगी ताकि किसी भी इमरजेंसी में लोग जल्दी से वहां पहुंच सकें।
स्ट्रक्चरल ऑडिट और बाढ़ नियंत्रण पर जोर
शहर में सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे पहले, पुराने और खतरे वाले इलाकों में इमारतों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट किए जाएंगे। नए घरों और इमारतों को भूकंप से जुड़े कड़े मानकों को पूरा करना होगा। पार्क और खुले मैदानों को अब आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी में लोगों के इकट्ठा होने की जगह माना जाएगा।
इसके अलावा, बाढ़ रोकने के लिए प्राकृतिक नालों को बचाया जाएगा और बाढ़ प्रभावित पार्कों को ऐसे 'वॉटर सिंक' के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां बारिश का पानी जमा हो सके और जमीन में समा सके। आग से बचाव के नियम भी और कड़े किए जा रहे हैं। खतरे वाली जगहों के लिए अब सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। घनी आबादी वाले इलाकों में आग बुझाने के नए तरीके जैसे हाइड्रेंट नेटवर्क और मोबाइल हाइड्रेंट पर भी गौर किया जाएगा।