दिल्ली मेट्रो ने रचा इतिहास, समय की पाबंदी में पेरिस और न्यूयॉर्क को पछाड़कर हासिल किया 5वां स्थान
दिल्ली मेट्रो ने 2026 में समय पर चलने की 99.95 प्रतिशत की दर हासिल की है, जिससे यह दुनिया के 5 सबसे भरोसेमंद मेट्रो सिस्टम में शामिल हो गई है। यह हांगकांग, पेरिस और न्यूयॉर्क जैसे बड़े मेट्रो सिस्टम से भी आगे निकल गई है। मेट्रो के एक संगठन, कम्युनिटी ऑफ मेट्रोस (COMET) की रिपोर्ट के मुताबिक, इसने 45 बड़े शहरों के मेट्रो नेटवर्क की तुलना की थी और इस रिपोर्ट में DMRC का प्रदर्शन अपनी निरंतरता और भरोसेमंद होने की वजह से सबसे खास रहा।
DMRC का MDBF 2.72 मिलियन कार-किलोमीटर रहा
DMRC ने 2.72 मिलियन कार-किलोमीटर का मीन डिस्टेंस बिटवीन फेलियर्स (MDBF) दर्ज किया है, जो किसी भी मेट्रो सिस्टम की विश्वसनीयता मापने का एक बड़ा वैश्विक पैमाना माना जाता है। दिल्ली मेट्रो का यह सफर 25 दिसंबर, 2002 को शुरू हुआ था, तब इसके पास शाहदरा से तीस हजारी के बीच सिर्फ 8.4 किलोमीटर लंबी लाइन थी और उसमें 6 स्टेशन थे। आज इसका नेटवर्क 303 स्टेशनों और 416.5 किलोमीटर लंबा हो गया है और यह रोजाना करीब 64 लाख यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती है। एक खास बात यह भी है कि DMRC के नेटवर्क का करीब 29 प्रतिशत हिस्सा UTO यानी अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन पर संचालित होता है, जिससे यह दुनिया की सबसे लंबी ड्राइवरलेस मेट्रो लाइन बन गई है। यहां ट्रेनें बहुत कम अंतराल पर आती हैं, कभी-कभी तो सिर्फ 2 मिनट 18 सेकंड के अंतर पर, इससे यात्रियों को ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ता।