CBSE की बड़ी तैयारी: AI और हुनर पर जोर, रट्टा मारने से नहीं चलेगा काम
सीबीएसई के छठी से दसवीं क्लास के छात्रों के लिए साल 2026-27 से बड़ा बदलाव आने वाला है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत एक नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस नए पाठ्यक्रम का मकसद पढ़ाई के बोझ को कम करना और छात्रों को हुनरमंद बनाना है। इसमें अब सिर्फ रट्टा लगाने के बजाय, चीजों को समझकर सीखने पर ज़ोर दिया जाएगा।
सीबीएसई में पाठ्यक्रम और परीक्षा के नए नियम
दसवीं कक्षा में भाषाओं का पाठ्यक्रम पहले की तरह ही रहेगा। वहीं, नौवीं के छात्र 2028-29 तक एक तीसरी वैकल्पिक भाषा चुन पाएंगे। अंग्रेजी के लिए अब एक ही विषय होगा और इसके लिए 'कावेरी' नाम की नई किताब पढ़ाई जाएगी।
एनसीईआरटी हिंदी और उर्दू की किताबें भी उपलब्ध कराएगा। छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग जैसे नए विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, हुनर से जुड़ी पढ़ाई को भी अनिवार्य बनाया जा रहा है। परीक्षाओं में अब केवल याद रखने के बजाय समझ पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा, जिससे डिजिटल मूल्यांकन से नंबर देने की प्रक्रिया और भी निष्पक्ष होगी।
सीबीएसई छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श देगा
सीबीएसई छात्रों की मानसिक सेहत का भी पूरा ध्यान रख रहा है। बोर्ड परीक्षा के तनाव से निपटने में मदद करने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा भी शुरू कर रहा है। इससे छात्रों को लगेगा कि मुश्किल वक्त में भी वे अकेले नहीं हैं और उन्हें जब भी ज़रूरत होगी, मदद मिल पाएगी।