#NewsBytesExplainer: क्या भारत में होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं विदेशी नागरिक?
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 7,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया। इसके बाद उनकी नागरिकता पर विवाद होने लगा, क्योंकि दावा किया गया कि वे जर्मनी में रहते हैं और उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है। हालांकि, ध्रुव ने इसका खंडन किया है। आइए समझते हैं क्या विदेशी नागरिक भारत में प्रदर्शनों में शामिल हो सकता है।
शुरुआत
कैसे हुई विवाद की शुरुआत?
दरअसल, दिल्ली से पहले CJP ने बेंगलुरु में प्रदर्शन किया था। इसमें ध्रुव शामिल हुए थे।
इसके बाद बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त और भाजपा नेता भास्कर राव ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव की नागरिकता, आव्रजन स्थिति और वीजा शर्तों की जांच की मांग की।
राव ने ध्रुव की वर्तमान नागरिकता, पासपोर्ट, वीजा और प्रवास से जुड़ी शर्तों के सत्यापन की मांग की।
तभी से ध्रुव की नागरिकता और प्रदर्शन में शामिल होने के मुद्दे ने जोर पकड़ा।
कानून
क्या प्रदर्शनों में शामिल हो सकते हैं विदेशी नागरिक?
संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क) नागरिकों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
वहीं, अनुच्छेद 19(1)(ख) के तहत शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के इकट्ठा होने का अधिकार मिलता है। हालांकि, ये सुरक्षा केवल भारतीय नागरिकों को मिली है, न कि भारत में मौजूद विदेशी नागरिकों को।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि विदेशी नागरिक संवैधानिक संरक्षण से बाहर हैं। विदेशी नागरिक भी अपनी उपस्थिति को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे के अधीन संवैधानिक संरक्षणों का लाभ उठा सकते हैं।
कार्रवाई
विदेशी नागरिक को किन कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है?
किसी विदेशी नागरिक की प्रदर्शन में भागीदारी सीधे ही गैरकानूनी नहीं हो सकती। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि क्या इस तरह की गतिविधि उनके वीजा या भारत में रहने के लिए दी गई अन्य अनुमति की शर्तों के खिलाफ है।
यानी ये कई शर्तों पर निर्भर करता है, जैसे- उनकी आप्रवास स्थिति, भारत में प्रवेश करने या रहने की अनुमति से जुड़ी शर्तें और गतिविधि की प्रकृति।
पूर्व मामले
क्या पहले कभी सामने आए हैं ऐसे मामले?
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में 2019-20 में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में भारत छोड़ने के लिए कहा गया।
दिसंबर 2019 में नॉर्वे की पर्यटक जान्ने-मेटे जोहानसन को CAA विरोधी मार्च में भाग लेने के बाद भारत छोड़ने के लिए कहा गया था।
मार्च 2020 में सरकार ने बताया था कि CAA प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए 5 विदेशियों को देश छोड़ने के लिए कहा गया था।
जांच
राव ने ध्रुव के मामले में जांच की मांग क्यों की?
आज तक के अनुसार, राव ने मंत्रालय से यह जांच करने को कहा कि क्या ध्रुव ने भारत की पिछली यात्राओं के दौरान राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग लिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में लागू आव्रजन कानून, वीजा शर्तों या अन्य नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, उन्होंने बस जांच का अनुरोध किया है। इससे यह साबित नहीं होता कि ध्रुव ने किसी कानून का उल्लंघन किया है।
नागरिकता
ध्रुव की नागरिकता को लेकर क्या स्थिति है?
ध्रुव का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ है। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने जर्मनी से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
इसके बाद वे कंटेंट क्रिएटर बन गए और जर्मनी में ही रहने लगे। उनकी पत्नी भी जर्मनी की है।
हालांकि, ताजा विवाद के बाद ध्रुव सामने आए हैं। उन्होंने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाते हुए कहा कि वे भारतीय नागरिक थे, हैं और रहेंगे। यानी ध्रुव फिलहाल भारतीय नागरिक हैं।