तमिलनाडु में 1.4 से नीचे गिरी प्रजनन दर, घट रही है युवाओं की संख्या
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने राज्य की गिरती प्रजनन दर पर चिंता जताई है। अब यह दर 1.4 से भी कम हो गई है, जबकि आबादी को स्थिर रखने के लिए आदर्श दर 2.1 होनी चाहिए। राज्य में पहले से ही 16 प्रतिशत से ज्यादा लोग 60 साल से ऊपर हैं। उनके मुताबिक, इससे आगे चलकर बुजुर्गों की संख्या बढ़ने से बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार तीसरे बच्चे वाले परिवारों को कुछ प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। इसके लिए वह आंध्र प्रदेश से प्रेरणा ले सकते हैं।
तमिलनाडु ने शुरू की 'थाई ममं थंगम' योजना
सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी का आंकड़ा 2017-18 में 65.8 प्रतिशत से गिरकर आज 51 प्रतिशत रह गया है। अरुणराज ने इसके पीछे निजी मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त प्रसूति सेवा और राज्य के लाभों में बदलाव को वजह बताया है। इन वजहों से ज्यादा परिवार सरकारी अस्पतालों से दूर जा रहे हैं। इसके जवाब में तमिलनाडु ने निजी अस्पतालों में इलाज चुनने वालों के लिए 'थाई ममं थंगम' योजना शुरू की है। साथ ही सरकार यह भी जानना चाहेगी कि कॉम्प्रिहेंसिव इमरजेंसी ऑब्सटेट्रिक एंड न्यूबॉर्न केयर सेंटर जैसी बेहतर सुविधाएं होने के बावजूद लोग सरकारी अस्पतालों को क्यों छोड़ रहे हैं।