आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने क्यों ठुकराया ब्रिटेन की कोर्ट का आदेश, 6 साल की बच्ची से जुड़ा है मामला
आंध्र प्रदेश हाइ कोर्ट ने एक ब्रिटिश पिता की अपनी छह साल की बेटी की कस्टडी की अर्जी नामंज़ूर कर दी है। यह फैसला तब आया है, जबकि ब्रिटेन की अदालतों ने पिता के हक में फैसला सुनाया था।
दरअसल, पिता-माँ दोनों ने तिरुपति में शादी की थी और बाद में वे ब्रिटेन चले गए थे। रिश्ते में दरार आने के बाद दोनों अलग हो गए। माँ बच्ची को भारत वापस ले आई। पिता का कहना है कि एक तय मुलाकात के बाद जब वह बेटी को अपने साथ वापस ले जा रहे थे, तो बच्ची के दादा-दादी ने उन्हें रोक दिया और बेटी को वापस ले जाने नहीं दिया।
हाई कोर्ट ने ब्रिटेन कोर्ट की 'गुलामी वाली सोच' वाली की आलोचना की
अदालत ने माँ के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि इस समय बच्चे को माँ की देखरेख की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। इतना ही नहीं, अदालत ने ब्रिटेन की अदालत के 'गुलामी वाली सोच' वाले रवैये की भी कड़ी आलोचना की। जजों ने साफ किया कि भारत में किसी भी विदेशी कस्टडी के आदेश को आंखें मूंदकर नहीं माना जाएगा। हर मामले में यह देखा जाएगा कि क्या वह वाकई बच्चे के सबसे अच्छे हित में है, फिर चाहे वह आदेश कहीं से भी आया हो।