लद्दाख से अमेरिकी राजदूत का 'मास्टरस्ट्रोक': चीन को चेतावनी, पाकिस्तान को कश्मीर पर करार जवाब
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर लद्दाख के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद से वह लद्दाख जाने वाले पहले बड़े अमेरिकी राजनयिक हैं। उनका यह दौरा भारत के प्रति अमेरिका के लगातार समर्थन को दिखाता है। सबसे खास बात यह है कि लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद किसी इतने बड़े अमेरिकी अधिकारी का यह पहला दौरा है।
कश्मीर पर टिप्पणी के बाद पाकिस्तान का विरोध
गोर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव अब भी बना हुआ है। यहां याद दिलाना जरूरी होगा कि 2020 में हुए स्टैंडऑफ के दौरान अमेरिका ने भारत का पूरा साथ दिया था। उस दौरान अमेरिका ने भारत को मुश्किल हालातों के लिए खुफिया जानकारी और जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया था।
अपनी इसी यात्रा में गोर ने कश्मीर को 'भारत का अभिन्न अंग' बताया। उनकी इस टिप्पणी के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर विरोध भी दर्ज कराया है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस क्षेत्र में स्थितियां अभी भी कितनी संवेदनशील बनी हुई हैं।