रानी मुखर्जी विवादों में, लोगों ने पूछा- पति चिल्लाए तो गलत और पत्नी चिल्लाए तो सही?
क्या है खबर?
रानी मुखर्जी फिल्म 'मर्दानी 3' को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी एक्टिंग नहीं, बल्कि एक विवादित बयान है। रानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि पत्नियों को अपने पतियों पर चिल्लाना चाहिए और अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि सम्मान की शुरुआत घर से होती है और बच्चों को ये देखना चाहिए कि उनकी मां चुप रहने वाली महिला नहीं है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों को रानी की ये 'नसीहत' रास नहीं आई।
बकिहक
पिता का व्यवहार तय करता है बेटे की सोच: रानी मुखर्जी
बॉलीवुड हंगामा से रानी ने लिंग असमानता पर जोर देते हुए बताया कि कैसे एक पिता का व्यवहार उसके बेटे के भविष्य को तय करता है। रानी के मुताबिक, घर में सम्मान की नींव बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "जब एक लड़का अपने घर में अपनी मां के साथ बुरा व्यवहार होते देखता है तो उसे लगने लगता है कि ये सामान्य है और वो समाज की किसी भी दूसरी लड़की के साथ भी ऐसा ही किया जा सकता है।
दो टूक
मां को पिता के सामने दबना नहीं चाहिए- रानी
रानी का कहना है कि घर में छोटी-छोटी बातों पर भी अगर पिता मां पर चिल्लाता है, तो ये बच्चों के मन में एक गलत धारणा बना देता है। बेटा ये सीखता है कि औरत पर चिल्लाना मर्दानगी है। रानी का मानना है कि घर में ऐसा माहौल होना ही नहीं चाहिए, जहां पुरुष अपनी आवाज का इस्तेमाल महिला को दबाने के लिए करे। मैं तो कहती हूं कि मां को पिता पर चिल्लाना चाहिए। गलत हो तो टाकेना चाहिए।
किस्सा
रानी ने स्कूल में मारा था लड़के को थप्पड़
रानी ने बताया कि बचपन से ही वो गलत बात बर्दाश्त नहीं करती थीं। स्कूल के दिनों को याद करते हुए रानी बोलीं कि एक बार उन्होंने गलत हरकत पर एक लड़के को थप्पड़ मारा था। अपनी इसी 'धाकड़' छवि का जिक्र कर उन्होंने मजाक में पति आदित्य चोपड़ा का नाम भी लिया। रानी ने कहा, "और मेरे पति से मत पूछना कि घर पर उनके साथ रोज क्या होता है।" रानी की ये बातें लोगों को पसंद नहीं आईं।
ट्रोलिंग
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर रानी के इस बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है। एक ने लिखा, 'वो खुद ही हंसती हैं और सोचती हैं कि उन्होंने बहुत अच्छी और बड़ी बात कही है, जबकि ऐसा है नहीं।' एक यूजर ने लिखा, 'मुझे लगता है कि वो मजाक करने की कोशिश करती हैं, लेकिन उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं है कि वह असल में मजाक नहीं कर रही हैं (बल्कि कड़वा सच बोल रही हैं जो गलत है)।'
सवाल
बराबरी का मतलब क्या? रानी के बयान पर सवाल
एक यूजर ने लिखा, 'क्यों शांति से बात नहीं बन सकती? क्लेश जरूरी है।' यूजर्स का मानना है कि पुरानी पीढ़ी से हो, इसका मतलब ये नहीं कि वो कुछ भी कहें। कुछ कह रहे हैं कि यदि पुरुष का चिल्लाना गलत है, तो महिला का वैसा ही व्यवहार बहादुरी कैसे हो सकता है? समानता का मतलब है कि घर में किसी को भी दूसरे पर चिल्लाने या हाथ उठाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।